अपात्रों को मिल रहा खाद्य सुरक्षा का लाभ
शामली/थानाभवन। सूबे की भाजपा सरकार की सक्रियता के बावजूद जिले में खाद्य सुरक्षा एवं अंत्योदय योजना पर सवालिया निशान लग गया है। जिले में 60 फ़ीसदी आबादी को लाभ देने का लक्ष्य पूरा होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग खुद को पात्र बताते हुए योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की कतार में खड़े हैं। इस प्रकरण के सामने आने के बाद जिलापूर्ति अधिकारी ने जिलेभर के पात्र परिवारों की जांच के आदेश दिए हैं।
वर्तमान में शहरी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा में अंत्योदय योजना को मिलाकर कुल 54,523 कार्डधारक हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रति कार्ड यूनिट के हिसाब से करीब दो लाख 46 हजार 899 उपभोक्ता सस्ते राशन का लाभ उठा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में राशन कार्ड की संख्या एक लाख 68 हजार 335 है। लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं की संख्या सात 15,529 है। दोनों जगहों को मिलाकर देखा जाए तो वर्तमान में दो लाख 22 हजार 858 राशन कार्डों पर नौ लाख 62 हजार 428 लोग सस्ते राशन का लाभ उठा रहे हैं। इस संख्या के साथ ही केंद्र सरकार का जिले में 60 फ़ीसदी आबादी को योजना का लाभ देने का लक्ष्य भी पूरा हो रहा है। हालांकि हकीकत इससे अलग है। अभी भी बड़ी संख्या में लोग योजना के तहत पात्रता के दायरे में आते हैं, लेकिन उन्हें लाभ नहीं मिला। आपूर्ति विभाग ने अनुसार बचे हुए पात्र परिवारों को लाभ देने के लिए जांच कराने का निर्णय लिया है। सभी नगर निकायों को पत्र भेजकर जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में जांच का जिम्मा ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को सौंपा गया है।
बोले पात्र...
मैने खाद्य सुरक्षा योजना के लिए आवेदन किया था। लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। मैं मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता हूं। अब दोबारा योजना के लाभ के लिए आवेदन करूंगा।
--अय्यूब, थानाभवन
मैं पात्रता के सभी मानकों को पूरा करता हूं। बावजूद इसके अभी तक मेरा राशन कार्ड नहीं बना। अब मैं योजना के लिए दोबारा आवेदन करूंगा।
--सचिन कुमार, थानाभवन
खाद्य सुरक्षा योजना का जिले का 60 फीसदी लक्ष्य पूरा हो चुका है। योजना के दोबारा जांच के लिए सभी को पत्र भेजा गया है। जो अपात्र सामने आएंगे उनके स्थान पर पात्रों को शामिल किया जाएगा।
- जगवीर सिंह, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी।