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Double Murder: पिता-पुत्र की हत्या में बर्खास्त सिपाही, बाप-भाई समेत चार दोषी, सिर-सीने में मारी थीं गोलियां

Thu, 13 Aug 2026 11:51 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

Shamli News: अप्रैल 2022 में कांधला के गांव मखमूलपुर में पैसों के विवाद में मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी भूपेंद्र और उनके बेटे अर्जुन की गोलियां मारकर हत्या की गई थी। 17 अगस्त को सजा पर फैसला सुनाया जाएगा। 
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भूपेंद्र और उनके बेटे अर्जुन की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी भूपेंद्र और उनके बेटे अर्जुन की हत्या के मामले में अदालत ने बर्खास्त यूपी पुलिस के सिपाही मखमूलपुर के रहने वाले विक्रांत, उसके भाई अर्जुन, पिता वीरेंद्र और मोनू निवासी मखमूलपुर को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी) सुरेंद्र कुमार राय की अदालत में सजा पर फैसला 17 अगस्त को सुनाया जाएगा।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र धीरियान ने बताया कि छह अप्रैल 2022 को न्यू सैनिक विहार कॉलोनी, कंकरखेड़ा, मेरठ निवासी सुरेश देवी ने कांधला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि उसके बेटे भूपेंद्र ने कांधला के मखमूलपुर निवासी सिपाही विक्रांत से दो लाख रुपये उधार लिए थे। बाद में विक्रांत पांच लाख 80 हजार रुपये वापस मांग रहा था।
 

अभियोजन के अनुसार पांच अप्रैल को आरोपियों ने भूपेंद्र, उसके बेटे अर्जुन और सुरेश देवी को अपने गांव मखमूलपुर बुलाया था। वहां उन्हें बंधक बनाकर यातनाएं दी गईं। इसके बाद सुरेश देवी को मेरठ से रुपये लाने के लिए भेज दिया गया। उसने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।
 

बताया गया कि पुलिस के पहुंचने के बाद भी सिपाही विक्रांत और उसके परिवार के लोग भूपेंद्र व अर्जुन को अपनी गाड़ी में बैठाकर यह कहते हुए ले गए कि उन्हें थाने ले जा रहे हैं। आरोप है कि दोनों को थाने ले जाने के बजाय गांव सल्फा के जंगल में ले जाकर गोली मार दी गई और शव वहीं डाल दिए गए। पुलिस ने दोनों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया।
 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के सिर और सीने में गोली लगने की पुष्टि हुई थी। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सभी आरोपी तभी से मुजफ्फरनगर जेल में बंद हैं।
 
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14 गवाहों के बयान कराए गए
पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार राय ने विक्रांत, अर्जुन, वीरेंद्र और मोनू को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत अब 17 अगस्त को चारों दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।
 
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