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घर में ही योग करो और स्वस्थ रहो

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घर में ही योग करो और स्वस्थ रहो
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शामली। कोरोना वायरस से बचने का सबसे सरल तरीका घर में रहना है। ऐसे में लोगों का मॉनिँग वॉक छूट गया है। योगाचार्यों का कहना है कि योग भी कोरोना से बचाव का अहम हथियार है।
शामली के बड़ा बाजार मुरारी वाला कुआं निवासी महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी योगाचार्य डा. कुमुद शर्मा ने बताया कि कोरोना को लेकर सभी लोग जागरूक हैं और बचाव के सभी उपाय भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई जिलों में सरकार ने लॉकडाउन कर दिया है। इसके चलते लोग घरों पर ही रह रहे हैं। उनका कहना है कि घर में ही योग करने से कोरोना के बचाव किया जा सकता है। योगाचार्य ने कहा कि आज कोरोना से बचने के लिए आवश्यक है नित्य योग करें। यज्ञ करें। योग करने से शरीर में रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है। अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्राणायाम एवं आसनों को करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्राणायाम से श्वांस संबंधी रोग दूर होते हैं और फेफड़े मजबूत होते हैं। उज्जयी प्राणायाम से कंठ संबंधी रोग दूर होते हैं। थायराइड दूर होता है। कपाल भाती प्राणायाम से शरीर में सकारात्मक शक्ति बढ़ती है। इससे शरीर की 99 प्रतिशत बीमारियों से मुक्ति मिलती है। इसी तरह शशांक आसन से हृदय सबल होता है। गोमुखासन से शरीर स्वस्थ रहता है। सुबह को सूर्य नमस्कार अवश्य करना चाहिए। परंतु बुजुर्गों के लिए सूर्य नमस्कार मुश्किल है। इसलिए उन्हें प्राणायाम ही करने चाहिए।
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ये हुआ घर में रहने का फायदा
प्रदूषण कम होने से मिली साफ हवा
रविवार को सड़कों पर वाहनों का संचालन बंद रहने से जिले में वायु प्रदूषण का एयर क्वालिटी इंडेक्स घटकर 100 के करीब पहुंच गया था। जबकि सामान्य दिनों में एक्यूआई 150 से अधिक रहता है। प्रदूषण अधिकारियों के मुताबिक सामान्य अवस्था में एक्यूआई 60 होता है, लेकिन सड़कों पर दौड़ते वाहन और फैक्ट्रियों से हवा जहरीली बनी रहती है। कोरोना से बचाव के लिए लोग मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। घरों से भी कम निकल रहे हैं। ऐसे में लोगों को कोरोना से बचाव के साथ वायु प्रदूषण से भी बचाव हो रहा है। सीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डा. विजेंद्र कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, ब्रोंकोलाइटिस, फेफड़े, हृदय रोग और सांस की एलर्जी आदि बीमारियां होती है। कोराना से बचाव के लिए लोग जिस तरह से जागरूक हो रहे है, इससे लोगों का वायु प्रदूषण से भी बचाव हो रहा है।
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