शामली। मधुमेह रोगी को अब घबराने की जरूरत नहीं है। नियमित योग और प्राकृतिक चिकित्सा से मधुमेह पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके बाद मधुमेह रोगी सामान्य तरीके से जीवन जी सकते हैं और खानपान में भी कोई ज्यादा परहेज नहीं करना पड़ेेेगा।
आरामदायक शैली और तनाव भरी जिंदगी से लोग मधुमेह का शिकार हो रहे हैं। यह रोग बच्चों से लेकर हर उम्र के लोगों में तेजी से पनप रहा है। लोगों को लगता है कि यह रोग अब पीछा नहीं छोड़ने वाला, लेकिन मधुमेह रोगी को निराश होने या घबराने की जरूरत नहीं है। योग शिक्षक और प्राकृतिक चिकित्सकों का कहना है कि नियमित योग और प्राकृतिक उपचार करने से इस पर पूरी तरह नियंत्रित पाया जा सकता है। पूर्व में मधुमेह से पीड़ित कई लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि योग करने से यह रोग पूरी तरह से नियंत्रित है और वे खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं।
शहर के मोहल्ला कृष्णा नगर निवासी सतीश तायल ने बताया कि करीब 22 साल पहले उन्हें शरीर में भारीपन महसूस होने लगा था। आंखों से दिखाई देना कम हो गया था और उन्हें जिंदगी बोझ सी लगने लगी थी। उन्होंने जांच कराई तो चिकित्सकों ने मधुमेह होना बताया। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक दवा खाई, लेकिन कोई खास लाभ नजर नहीं आया। दवा ली तो शुगर कम हो गई और नहीं ली तो फिर बढ़ गई, वे इसे लेकर परेशान रहने लगे। इसी दौरान करीब 15 साल पहले उन्होंने योग शुरू किया। उसके बाद उन्हें काफी फायदा मिला। इसके बाद से नियमित योग करने से उन्हें दवा की जरूरत नहीं पड़ी। 2016 में वे पतंजलि योग से जुड़े और वर्तमान में इसके जिला प्रभारी है।
कैराना रोड योग मार्ग निवासी एवं आरोग्य भारती के प्रांतीय सचिव रामअवतार तायल (67) ने बताया कि करीब 15 साल पहले उन्हें शुगर हो गया था। उन्होंने दवाइयां लेनी शुरू कर दी थी। करीब 10 साल पहले वे योग से जुड़े तो उनकी शुगर कंट्रोल हो गई। तब से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। इसके बाद उन्होंने दूसरे लोगों को भी योग का प्रशिक्षण देना शुरू किया।
शिवाजी पार्क दिल्ली रोड निवासी विनोद गोयल (55) ने बताया कि उन्हें पांच साल पहले मधुमेह होने का पता चला था। पहले उन्हें दवा ली, लेकिन बाद में योग शुरू किया तो तब से उन्हें कोई परेशानी नहीं है। वे विवाह शादी में मीठा खाते और घर पर भी जब मन करता है मीठे का आनंद लेते हैं।
कोट
पेट खराब, मानसिक तनाव रहने से लीवर खराब होता है। लीवर खराब होने से खाना नहीं पचता, जिससे खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। नियमित 40 दिन तक प्राकृतिक चिकित्सा से मधुमेह रोग ठीक हो जाता है। उपचार के दौरान वे इस तरह के मरीजों को शहद और मुनखा आदि खिलाते है। उनके यहां पांच छह रोगी रोज पहुंच रहे है। इसके अलावा प्राकृतिक चिकित्सक डा. अनुज निर्वाल का भी दावा है कि इस पद्धति से मधुमेह नियंत्रित ही नहीं ठीक होता है। - रामदत्त शर्मा, चिकित्सक, करनाल रोड स्थित प्राकृतिक चिकित्सालय
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योग से तनाव व ब्लड प्रेशर दूर होता है। वे कहते है कि स्वस्थ रहने के लिए योग करों। जब शरीर स्वस्थ रहेगा तो मधुमेह तो क्या कोई भी बीमारी नहीं होगी। योग करने से शरीर रोगमुक्त रहता है, मन प्रसन्न रहता है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है जिससे सकारात्मक सोच बनती है। नियमित योग करने से मधुमेह पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है। - डॉ. कुमुद शर्मा, महिला जिला प्रभारी, पतंजलि योग समिति