शामली। दशलक्षण पर्व के उपलक्ष्य में इंद्रध्वज महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में जैन आचार्य ज्ञानभूषण महाराज ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। महाराज श्री ने कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म में मुनिराज सभी जीवों को समान समझते हैं, केवल परमात्मा ही दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बैर की गांठ मत बांधो, बैर बांधना बड़ा खतरनाक है।
रविवार को नगर के कैराना रोड फव्वारा चौक पर हाथी खाना मैदान में दशलक्षण पर्व के उपलक्ष्य में इंद्रध्वज महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में अनंत चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य व्रत की विधि विधान से पूजा की गई। इस मौके पर जैनाचार्य ज्ञान भूषण महाराज ने कहा कि अनंत चतुर्दशी का बड़ा महत्व है। समाज में दुश्मनी की गांठ समाप्त करने और प्रेम और शांति भाईचारे का संदेश संसार में देना है। शरीर की ऊर्जा का सही प्रयोग करना ऊर्जा को व्यर्थ मत प्रयोग करो।
जैन मुनि ने कहा मौजूदा दौर में बालक-बालिका मोबाइल का ऊर्जा में प्रयोग कर रहे हैं। संस्कारहीन हो रहे हैं। जीव को अपने बच्चों को देव शास्त्र और अच्छे गुरु की शरण में भेजना होगा। बच्चों को धर्म के अच्छे संस्कार डालने होंगे। उन्होंने कहा कि तीन तरह के उत्तम ब्रह्मचर्य होते हैं।
उत्तम-माध्यम, जगन्नय उत्तम ब्रह्मचर्य में मुनिराज होते हैं। सभी को वह समान समझते हैं। चाहे वह कपडे़ पहने हुए अथवा नग्न हो, उन्हें परमात्मा दिखाई देते हैं। तामसी भोजन मत करो। समारोह में माला समिति द्वारा महाराज श्री के माध्यम से मंजू जैन, खुशी जैन, रजनी जैन, सुनीता जैन, इलायची जैन, कौशल जैन, उर्मिला जैन, सोनम जैन, अंशु जैन, पियूष जैन, निधि जैन नुपूर जैन को चांदी की चेन तपस्या व्रत के लिए दी गई।
इस मौके पर सुशील जैन, राजीव जैन, प्रवीण जैन, जिनेंद्र जैन, मोहित जैन, अचल जैन, मोहन लाल जैन, शिखर चंद जैन, मयंक जैन, जिनेंद्र कुमार जैन एडवोकेट मौजूद रहे।