शामली, बिडौली। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बावरिया समाज के लोगों की बैठक ली। समाज के लोगों के रोजगार के लिए फैक्टरी खोलने का आश्वासन दिया और स्कूल की विवादित भूमि का निरीक्षण किया।
शनिवार को जिलाधिकारी अरविंद चौहान व पुलिस अधीक्षक रामसेवक गौतम ने इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज बावरिया कॉलोनी सिंगरा में बावरिया समाज के लोगों की बैठक ली। बैठक में कहा कि समाज के लोग अपराध को छोड़कर व अवैध कच्ची शराब को भी बेचना बंद कर अपनी मेहनत मजदूरी के लिए जागरूक हों। अगर किसी व्यक्ति के पास रोजगार की सुविधा नहीं है, तो यहां पर एक फैक्टरी लगवाएंगे, ताकि यहां के लोगों को रोजगार मिल सके। जिन लोगों के पास आवास व शौचालय नहीं है, उन्हें आवास व शौचालय भी बना कर देंगे। बंजर पड़ी जमीन के गरीब लोगों के लिए पट्टे आवंटित कराएंगे, ताकि उस जमीन पर कृषि कर अपने बच्चों का पालन पोषण कर सकें। आबकारी विभाग की निरीक्षक निधि चौधरी को भी कहा कि जो लोग अवैध कच्ची शराब निकालते हैं, उन्हें पहले तो समझाएं और बताएं कि है शराब कितनी हानिकारक है।
वहीं जनता कल्याण समिति के द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर काॅलेज की विवादित भूमि का निरीक्षण किया। समिति के पदाधिकारियों द्वारा लगाया गए आरोप में बताया कि वर्ष 1971- 72 में यहां पर समाज से चंदा इकट्ठा कर तीन कमरे व बरामदा और एक रसोई का निर्माण कराया था। इन्हीं कमरों में बावरिया समाज के बच्चे शिक्षा ले रहे थे। वर्ष 2022 में शिक्षा विभाग ने समाज को बिना जानकारी दिए ही जर्जर हो चुके कमरों की 86500 रुपये में नीलामी कर दी, नीलामी का जो पैसा मिला था, वह शिक्षा विभाग ने अपने खाते में जमा कर लिया। वहां पर जूनियर हाईस्कूल की नई बिल्डिंग की स्थापना कर दी। समाज के लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की नीलामी का पैसा उन्हें वापस मिले, कुछ पैसा सरकार दें, ताकि वह वहां पर दोबारा से भवन का निर्माण करा सकें। भवन बनने से बावरिया समाज के लोग बैठक कर समाज के बारे में मंथन कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के लिए शिक्षा भी जरूरी है, अगर समाज के लोग फिर से भवन बनाना चाहते हैं। समाज के लोगों की सहायता की जाएगी।