झिंझाना। गांव केरटू निवासी आजाद ने आठ लाख रुपये वापस लेने का दबाव बनाने के लिए अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने गुम हुए युवक को बरामद कर लिया।
गांव केरटू निवासी शहजाद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका भाई आजाद (27) 14 अप्रैल की देर शाम पटनी परतापुर टोल प्लाजा पर गया था जो वापस नहीं लौटा। शहजाद ने गांव के नासिर, जाबिर, परवेज और जावेद पुत्रगण एजाज पर आजाद मा अपहरण करने का शक जाहिर करते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस व एसओजी ने आजाद को सकुशल बरामद किया है।
आजाद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके गांव के नासिर पर आठ लाख 60 हजार रुपये थे, जो बार-बार मांगने पर वापस नहीं कर रहा था। उसने अपने चाचा के लड़के मेहरबान उर्फ नीला व अपने भाई शहजाद के साथ मिलकर योजना बनाई थी। इसके तहत वह वेदखेड़ी रोड पर खड़ी करके खुद ही गुम हो गया था ताकि नासिर व उसके भाइयों के खिलाफ मुकदमा लिखे जाने पर पुलिस के डर से वे रुपये लौटा देंगे। एसपी ने इस मामले का खुलासा करने पर पुलिस टीम को दस हजार रुपये नकद पुरस्कार से और सीओ कैराना श्याम सिंह को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की।