कैराना (शामली)। उधार के रुपये मांगने की रंजिश में महिला की छुरे से हत्या करने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रीतू नागर ने मुजरिम लाल सिंह निवासी भैसवाल को आजीवन कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
आठ सितंबर 2020 को जनपद गाजियाबाद लोनी से अनिता अपने पैतृक गांव भैंसवाल में देखभाल करने के लिए आई थी। अनिता के गांव के ही लाल सिंह पर रुपये उधार थे जिन्हें लालसिंह नहीं दे रहा था। इस पर वह रंजिश भी रखने लगा। रात में लाल सिंह ने अनिता की छुरे से हत्या कर दी थी। 11 सितंबर को लालसिंह ने मृतका के बेटे ललित कुमार को फोन कर बताया कि तुम्हारी माता की उसने धारदार हथियार से काट कर हत्या कर दी। इसके अलावा फोन पर पुलिस को भी सूचना दी।
ललित फोन सुनने के बाद भैंसवाल अपने घर आया तो अनिता का शव पड़ा था। पुलिस ने लालसिंह को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। शनिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध होने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रीतू नागर ने मुजरिम लालसिंह निवासी भैंसवाल थाना गढ़ीपुख्ता को आजीवन कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नही करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।