- दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे चिकित्सक
- बारिश के बाद जिला अस्पताल और सीएचसी में आ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बारिश के मौसम में डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। डायरिया से दस साल तक के बच्चे ज्यादा पीड़ित आ रहे हैं। चिकित्सक उपचार के साथ सावधानी बरतने की भी सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल और सीएचसी शामली में बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में रोजाना आठ-दस बच्चे जबकि सीएचसी शामली में भी इतने ही मरीज आ रहे हैं। बाल रोग चिकित्सक उपकार मलिक ने बताया कि बारिश के मौसम में डायरिया के केस बढ़े हैं। इनमें ज्यादातर आठ से दस साल के बच्चे ज्यादा पीड़ित हैं। मरीजाें को दवा देने के साथ परिजनों को डायरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डायरिया की समस्या बनने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए शरीर में पानी की पूर्ति के लिए चिकित्सक की सलाह से ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए और समय पर दवा लेनी चाहिए। इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। सभी मरीजों की जांच कर दवा दी जा रही है।
डायरिया के लक्षण:
- दिन में कई बार शौच जाना।
- पेट में अचानक से दर्द या ऐंठन महसूस होना।
- उल्टी आना या मितली महसूस होना।
- बुखार आना, थकावट होना।
- शरीर में पानी की कमी होने से प्यास लगना।
- मुंह का सूखना, आंखों का धंसा हुआ दिखना और पेशाब कम आना।
सावधानी
- खाना खाने से पहले और बाद में हाथ धोएं।
- साफ ताजा पानी पीयें। उबला हुआ पानी ठंडा कर पीना बेहतर।
- हमेशा स्वच्छ और फिल्टर किया हुआ पानी पीये।
- ताजे और साफ-सुथरे फल और सब्जियों का सेवन करें।
- खाना बनाने से पहले सभी खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह से धोएं।
- बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- तरल पदार्थाें का सेवन करें।