शामली। महायोजना 2031 में आई 315 आपत्तियों की सुनवाई के लिए तिथि आखिर घोषित कर दी गई है। आगामी 17 जून से 23 जून तक मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय में सुनवाई होगी। प्राधिकरण की ओर से सुनवाई के लिए समिति का गठन कर दिया गया है।
शामली जिले के सुनियोजित विकास के लिए मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से महायोजना-2031 तैयार कराई गई थी। जिस पर छह जनवरी 2022 से से 16 अप्रैल तक कुल 315 आपत्तियां दर्ज की गई थी। मई माह से आपत्तियों पर सुनवाई का दावा किया किया गया था, लेकिन मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से सुनवाई की तिथि निर्धारित नहीं हो सकी। महायोजना में त्रुटियों की भरमार होने का आरोप लगाते हुए किसान कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं, एमडीए सचिव व डीएम को भी किसानों ने कई बार ज्ञापन दिए हैं। किसानों की ओर से महायोजना - 2031 में त्रुटियों को दुरुस्त करने की मांग उठाई गई थी।
विभागीय अधिकारियों ने इन आपत्तियों को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण भेज दिया था। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के टाउन प्लानर प्रभात पाल का कहना है कि प्राधिकरण की शामली महायोजना 2031 के संबंध सुनवाई के लिए समिति गठित कर दी गई है। आगामी 17 जून से लेकर 23 जून तक मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय में सुनवाई होगी। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि महायोजना-2031 को लेकर आई आपत्तियों के निस्तारण के बाद महायोजना शासन को भेजी जाएगी। शासन की स्वीकृति के बाद महायोजना को शामली जिले में लागू किया जाएगा।
आपत्ति करने वालों को भेजे जाएंगे पत्र
प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने महायोजना पर आपत्ति दर्ज कराई है, उन्हें पत्र भेजकर सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। इसके अलावा प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी सुनवाई की तिथि की घोषणा की जाएगी।
छह सदस्यीय समिति करेगी सुनवाई
आपत्तियों पर सुनवाई के लिए गठित समिति में मंडलायुक्त के प्रतिनिधि, डीएम मुजफ्फरनगर के प्रतिनिधि, डीएम शामली के प्रतिनिधि, टाऊन प्लानर, नगर पालिका शामली और मुजफ्फरनगर के अधिशासी अधिकारी को शामिल किया गया है।