संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिला उद्योग बंधु की बैठक में सोमवार को फर्जी बिलों के मामले को लेकर सहारनपुर के जीएसटी एसआईबी अफसरों पर शामली के उद्यमियों के उत्पीड़न का आरोप गूंजा। उद्यमियों ने इन अफसरों की संपत्ति की जांच कराकर कार्रवाई की मांग उठाई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मामले को गंभीरता से लिया और जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर लोमेश कुमार से सहारनपुर एसआईबी अधिकारियों के जवाब तलब करने के निर्देश दिए। बैठक में साईंमा के चेयरमैन एवं लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष अंकित गोयल ने कहा कि फर्जी बिलों की आड़ में जीएसटी एसआईबी अफसर शामली के उद्यमियों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने मंडल स्तरीय अधिकारियों की संपत्ति जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग रखी।
सुनवाई के दौरान डीएम ने पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता विवेक कुमार को भी फटकार लगाई और औद्योगिक क्षेत्र के नाला निर्माण के लिए लंबित पड़ी विधायक निधि की पत्रावली का निस्तारण करने के निर्देश दिए। आईआईए के चेयरमैन विशाल गुप्ता ने राजकीय आईटीआई लिसाढ़ की ओर से निकिता पेपर मिल और करियर व्हील को अप्रेंटिस अनुदान जारी करने का मुद्दा उठाया। इसके अलावा कैराना रोड स्थित जयभारत इंडस्ट्रीज से लेकर पूर्वी यमुना नहर तक नवीन नाला निर्माण, सिक्का क्षेत्र की 15 इकाइयों के लिए 500 कनेक्शनों का अलग फीडर बनाने और दो औद्योगिक इकाइयों की सिटी फिटिंग का मामला भी रखा गया।
बैठक में प्रदूषण विभाग द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 की एकल खिड़की योजना/निवेश मित्र योजना पर भी चर्चा हुई। डीएम ने टिटौली ड्रेन की सफाई और पूर्वी यमुना नहर तक बंद सीवर लाइन की सफाई का एस्टीमेट जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में रखने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ विनय कुमार तिवारी, उपायुक्त उद्योग जेस्मिन फौजदार, आईआईए के पूर्व चेयरमैन आशीष जैन, अनुज गर्ग, विशाल रहे।