शामली। दिल्ली की महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 42,30,317 रुपये की ठगी कर ली। थानाभवन पुलिस ने दो आरोपियों पंकज व किरोड़ीमल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से साइबर ठगी के आठ लाख रुपये बरामद किए। आरोपियों पर 30 प्रतिशत कमीशन के लालच में मंदिर समिति के खाते में साइबर ठगी की रकम मंगाने का आरोप है। आरोपी जिला मुजफ्फरनगर के थाना चरथावल क्षेत्र के गांव बाढ़ निवासी संत शिरोमणि रविदास मंदिर समिति के पदाधिकारी हैं।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि पश्चिमी विहार दिल्ली के मिलनसार अपार्टमेंट निवासी बबीना टर्के द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की थी। उनके पति बिजनेसमैन हैं। महिला ने शिकायत की थी कि एक माह पहले साइबर अपराधियों ने उनके पति को ड्रग्स की तस्करी में पकड़े जाने की धमकी देकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर 42,30,347 रुपये की साइबर ठगी कर ली।
एनसीआरपी पोर्टल से प्राप्त बैंक खाता संख्या की जांच की गई तो वह भारतीय स्टेट बैंक की शाखा हसनपुर लुहारी थाना थानाभवन का पाया गया। इस बैंक खाते में 28 जुलाई को साइबर ठगी के नौ लाख रुपये आने की जानकारी मिली। 29 जुलाई को तीन बार में एक लाख रुपये, तीन लाख रुपये व चार लाख रुपये तीन चेक के माध्यम से कुल आठ लाख रुपये निकाले गए। यह बैंक खाता श्री संत शिरोमणि रविदास मंदिर समिति निवासी ग्राम बाढ़ पोस्ट बलवा खेड़ी थाना चरथावल जनपद मुजफ्फरनगर के नाम पर पाया गया। पुलिस की जांच में साइबर ठगी की रकम मंगाने में पंकज कुमार, किरोड़ीमल व गौरव कुमार निवासी गांव बाढ़ थाना चरथावल के नाम सामने आए। तीनों आरोपियों के विरुद्ध थानाभवन थाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसपी ने बताया कि इस मामले में आरोपी पंकज व किरोड़ीमल को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से आठ लाख रुपये बरामद किए गए। इस मामले में आरोपी गौरव वांछित है, जिसकी तलाश की जा रही है।
इस तरह से की गई साइबर ठगी
एसपी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि गांव बाढ़ में श्री संत शिरोमणि रविदास मंदिर की कमेटी गठित है, जिसमें पंकज अध्यक्ष, किरोड़ीमल कोषाध्यक्ष तथा गौरव कुमार सचिव हैं। मंदिर समिति का भारतीय स्टेट बैंक शाखा हसनपुर लुहारी में खाता संचालित है, जिसकी पासबुक एवं चेकबुक पंकज कुमार के पास रहती है। पंकज ने बताया कि 25 जुलाई को अनजान व्यक्ति की उसके मोबाइल व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने मंदिर के खाते में दान दिलाने की बात कही।
उसने कहा कि खाते में जो भी दान आएगा, उसका 30 प्रतिशत रखकर बाकी रकम उन्हें वापस करनी होगी। लालच में आकर पंकज ने मंदिर समिति का बैंक खाता उपलब्ध करा दिया और इसकी जानकारी किरोड़ीमल एवं गौरव को भी दी। 28 जुलाई को मंदिर के खाते में करीब नौ लाख रुपये आए। अगले दिन 29 जुलाई को तीनों आरोपियों ने बैंक में जाकर खाते से आठ लाख रुपये निकालकर आपस में बांट लिए थे। खाते से रकम निकाले जाने की पोर्टल पर पुलिस को जानकारी मिलने पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
व्हाट्सएप कॉल नंबर के आधार पर साइबर अपराधियों की तलाश शुरू
साइबर सेल प्रभारी संजीव भटनागर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों पर जिस नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई थी। उस नंबर के आधार पर साइबर ठगी में शामिल अन्य अपराधियों की तलाश की जा रही है। व्हाट्सएप कॉल के जरिए आरोपियों की लोकेशन खंगाली जा रही है।