शामली। देशखाप के चौधरियों और अन्य किसानों का बड़ौत में चल रहा धरना दो गुटों में बंट गया है। देशखाप चौधरी के सिंघु बार्डर चले जाने के बाद जिले के खाप चौधरी भी फिलहाल असमंजस में पड़ गए हैं। खाप चौधरियों का कहना है कि मंगलवार को बैठक कर आगे के लिए निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल गठवाला खाप के गांवों में धरने में शामिल होने के लिए जनसंपर्क चल रहा था।
रविवार को गठवाला खाप के थांबेदारों की बैठक बाबा हरिकिशन मलिक के आवास पर गांव लिसाढ़ में हुई थी। इस बैठक में तय हुआ था कि खाप के सभी थांबेदार अपने क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क कर आंदोलन के लिए तैयारी करें। सोमवार को भी जगह-जगह बैठकें चल रही थीं, लेकिन बड़ौत में चल रहे धरने के दो गुटों में बंट जाने से असमंजस की स्थिति हो गई है। गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक के पुत्र राजेंद्र मलिक ने बताया कि फिलहाल तो आंदोलन में शामिल होने के लिए तैयारी की जा रही थी। अब आगे का निर्णय मंगलवार को बैठक कर लिया जाएगा।
जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक करने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि अब आगे क्या किया जाए। तकालखें खाप के चौधरी संजय कालखंडे का कहना है कि सोमवार को थांबेदार श्याम सिंह मलिक के आवास पर ग्राम बहावड़ी में बैठक होनी है। इस बैठक में भी आगे की रणनीति बनाई जाएगी। बड़ौत में चल रहे धरने में कोई मतभेद हुआ है तो वह दूर हो जाएगा। जब ज्यादा लोग होते हैं तो इस तरह की बातें होती रहती हैं।
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किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष की घेराबंदी
शामली। किसानों को धरने में जाने से रोकने के लिए किसान नेताओं की घेराबंदी जारी है। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने बताया कि उनके संगठन के साथ ही अन्य संगठनों का धरना बड़ौत में चल रहा है। वह वहीं पर चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि वह खुद धरने में शामिल होने के लिए जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें घर में ही रोक लिया। उन्हें धरने में नहीं जाने दिया जा रहा।
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कृषि कानूनों के खिलाफ दिया ज्ञापन
कैराना। युवा किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम तीनों कृषि कानूनों को वापस कराने सहित दस सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार प्रवीण कुमार को दिया। ज्ञापन में कृषि कानूनों को निरस्त करने, बिजली की बढ़ी दरों को कम कराने, किसानों को समय से यूरिया उपलब्ध कराने, गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल कराने, गन्ना किसानों का ब्याज समेत भुगतान कराने, आवारा पशुओं से छुटकारा दिलाने, पुलिस चेकिंग के नाम पर आम जनता व किसानों का शोषण बंद कराने आदि की मांग की गई हैं। ज्ञापन देने वालों में किसान नेता राजन जावला, सुकैब अली, सलमान चौहान, वसीम अहमद, चौधरी बिलाल, मोहम्मद कोकब, फैजान अली व सादिक आदि मौजूद रहे।