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स्वाइन फ्लू से हुई थी दिलशाद की मौत

Sun, 06 Aug 2017 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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swine flu - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। थानाभवन क्षेत्र के गांव हींड निवासी सीमेंट व्यापारी दिलशाद की मौत स्वाइन फ्लू से हुई थी। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को हींड गांव में पहुंचकर दिलशाद के परिजनों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लिया है। 
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गांव हींड निवासी दिलशाद (35) को आठ दिन पूर्व बुखार आया था। परिजनों ने पहले उसका उपचार शामली के प्राइवेट अस्पताल में कराया। सेहत में सुधार नहीं होने पर उनको मेरठ के सुभारती और आनंद हास्पिटल में दिखाया गया था।

मेरठ में ही छीपी टैंक के पास स्थित अर्चिता डायग्नोस्टिक सेंटर से दिलशाद के ब्लड सैंपल की जांच कराई गई थी, जिसमें स्वाइन फ्लू एनफ्लुऐंजा एच1 पॉजीटिव पाया गया था। इसके बाद परिजनों ने दिलशाद को दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल ले जाकर भर्ती करा           दिया था। वहां शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे दिलशाद की मौत हो गई थी। शाम को उसका शव गांव         हींड में लाकर सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।  
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उधर, स्वास्थ्य विभाग को व्यापारी के स्वाइन फ्लू से मौत होने की जानकारी शनिवार को मिली। जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर विनय कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम हींड गांव पहुंची। वहां उन्होंने दिलशाद के परिजनों तथा दिलशाद से संपर्क रखने वाले 10 लोगों का ब्लड सैंपल जांच के लिए ले लिया। साथ ही परिवार के लोगों को बीमारियों से बचाव के संबंध में जानकारी दी। 

सीएमओ कार्यालय पर भाकियू ने तालाबंदी की 
शामली। गांव हींड निवासी दिलशाद की स्वाइन फ्लू से मौत होने पर भाकियू नेताओं का स्वास्थ्य विभाग के रवैये को लेकर रोष व्याप्त हो गया। भारतीय किसान यूनियन ने सीएमओ कार्यालय पर हंगामा प्रदर्शन किया। कार्यालय में बैठे कर्मचारियों को बाहर निकालकर तालाबंदी कर दी। प्रभारी सीएमओ, एक चिकित्सक का घेराव करके बैठे रहे। 

शनिवार दोपहर भाकियू कार्यकर्ता इकट्ठा होकर सीएमओ कार्यालय पहुंचे। भाकियू जिलाध्यक्ष जावेद तोमर, विनोद निर्वाल, जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद, कुलदीप पंवार ने हंगामा करते हुए           सीएमओ कार्यालय से कर्मचारियों को बाहर निकालकर दरवाजे बंद कर दिए। हींड निवासी दिलशाद भाकियू कार्यकर्ता था, जिसकी स्वाइन फ्लू से मौत हुई है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिलशाद की मौत के बाद भी गांव में जांच के लिए टीम नहीं भेजी।

हंगामे के  दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने एसीएमओ डॉक्टर सफल कुमार सहित स्वास्थ्य अधिकारियों को धूप में बैठा लिया। भाकियू नेताओं के अनुसार सरकारी अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड नहीं है। इसके अलावा उनका कहना था कि गांव में एक व्यक्ति की मौत हो गई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं गए। बाद में एसीएमओ ने गांव में टीम भेजकर जांच कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर हंगामा शांत हुआ।        

सीएचसी प्रभारी पर गिर सकती है गाज 
भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा किए जाने के बावजूद नोडल, सीएचसी प्रभारी तथा स्वाइन फ्लू प्रभारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिस पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में एसीएमओ डॉक्टर सफल कुमार ने डाक्टर सुशील और डाक्टर जगमोहन को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। माना जा रहा है कि लापरवाही और अनियमितता को लेकर डाक्टर जगमोहन से सीएचसी प्रभारी का चार्ज भी छिन सकता है। 
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