शामली। यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद से एक माह के अंदर उसके किनारे वाले गांव में दस मीटर तक कटान हुआ है। यमुना कटान रोकने के लिए ड्रेनेज खंड विभाग की ओर से युद्धस्तर से कार्य किया जार हा है। मेेरठ मंडल के ड्रेनेज खंड के अधीक्षण अभियंता, एसडीएम कैराना ने क्षतिग्रस्त ठोकरों, कटान का निरीक्षण किया। कलरी गांव में कटान को रोकने के लिए शासन से 30 लाख रुपये मांगे गए हैं।
पिछले जुलाई माह में यमुना कई बार उफान पर रही है। एक माह में यमुना में दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी ज्यादा छोड़ा जा चुका है। यमुना नदी में लगातार पानी आने से कलरी, नाई नंगला, साल्हापुर, भड़ी, पढे़ड़ समेत कई गांवों में 10 मीटर से ज्यादा कटान हुआ है।
तीन दिन बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व शिवबहादुुुर सिंह ने एसडीएम कैराना के साथ यमुना किनारे कलरी गांव का औचक निरीक्षण करके हालात का जायजा लिया था।
शनिवार को अधीक्षण अभियंता हृदयनारायण, अधिशासी अभियंता संजय माथरे, एसडीएम कैराना विजयप्रकाश तिवारी समेत ड्रेनेज खंड के अफसरों के साथ यमुना किनारे कलरी, नाईनंगला, साल्हापुर, भड़ी आदि गांवों औचक निरीक्षण किया। ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता पीके शर्मा ने बताया कि कटान को रोकने के लिए ड्रेनेज खंड की टीम जुटी हुई है।
कलरी गांव का ज्यादातर कटान को रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि कलरी गांव का 19 लाख रुपये का स्टीमेट शासन को भेजा गया था, लेकिन बजट को स्वीकृति नहीं मिली थी। एडीएम वित्त एवं राजस्व शिवबहादुर सिंह ने बताया कि कलरी गांव में पिछले साल 19 लाख रुपये खर्च किए गए थे, इस बार 30 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया है।
लगातार घट रहा है यमुना नदी का जलस्तर
शामली। हथनीकुंड बैराज से शुक्रवार दोपहर यमुना में 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसका असर शनिवार मध्यरात्रि के बाद शुरू हो जाएगा। वहीं, शनिवार सुबह 11 हजार 944 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शाम चार बजे कैराना यमुना पुल पर यमुना का जलस्तर 229.50 मीटर दर्ज किया गया। ड्रेनेज खंड के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि यमुना का जलस्तर घट बढ़ रहा है।