शामली। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना और भारतीय जैन संघटना की संयुक्त ऑनलाइन कार्यशाला में बेटियों को स्वयं के बारे में जानने के लिए प्रेरित किया गया। शूटर दादी प्रकाशी तोमर ने भी कार्यशाला में शामिल होकर बेटियों को कामयाबी के टिप्स दिए।
चार दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ एनएसएस भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अशोक श्रोती, राज्य संपर्क अधिकारी डॉ. अंशुमाली शर्मा और भारतीय जैन संघटना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र लुक्कर ने संयुक्त रुप से किया। डॉ अशोक श्रुति ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए नारी का आत्मनिर्भर होना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। डॉ. अंशुमाली शर्मा एवं राजेंद्र लुक्कर ने बेटियों के सतत विकास के लिए कार्यक्रम की सराहना की। शूटर दादी प्रकाशी तोमर ने बेटियों को समझाया कि वे किसी भी प्रकार से बेटों से कम नहीं हैं। अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने एक लक्ष्य निर्धारित किया और उम्र को दरकिनार करते हुए उसे प्राप्त किया। कार्यक्रम संयोजिका और प्रशिक्षक डॉ. रितु जैन ने बताया कि आत्मनिर्भर होने से पहले हमें स्वयं के बारे में जानना होगा। अपने अंदर की अच्छाइयां और बुराइयों को पहचानना होगा। आत्मविश्वास जागृत करना होगा ताकि जीवन में जिस लक्ष्य को पाना चाहते हैं, उसे पा सकें। दूसरे सत्र में जिला नोडल अधिकारी डॉ. अजय बाबू शर्मा ने बेटियों को कौशल विकास के बारे में बताया। मोहित जैन, सुनील जैन, डॉ. दीपा चौहान, डॉ. भावना शर्मा, अजय जैन, डॉ. भूपेंद्र कुमार, सुमन, मीन, मानसी, नैना, हेमा ठाकुर, दीक्षा जादौन आदि कार्यशाला में शामिल हुए।