शामली हनुमान धाम पर जलता रावण, मेघनाथ , कुंभकर्ण का पुतला । संवाद
शामली। दशहरा (विजयदशमी) का पर्व जिले में बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाया गया। 13 स्थानों पर रामलीला में पुतले दहन के कार्यक्रम आयोजत किए गए। पुतला दहन के साथ ही जय श्रीराम के उद्घोष से रामलीला स्थल गूंज उठे। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सभी जगह पुलिस और पीएसी के साथ खुफिया विभाग के जवान तैनात रहे।
दशहरा पर्व पर सुबह को घरों में पूजा अर्चना हुई। इस दौरान शस्त्रों का पूजन भी किया गया। उधर, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले को चार जोन व 10 सेक्टरों में बांटा गया। पुलिस, पीएसी बल के अलावा खुफिया विभाग की टीमें भी सतर्क रहीं। मेले का भी आयोजन किया गया। मेले में खाद्य पदार्थों की दुकानों के अलावा बच्चों के लिए खेल खिलौने और घरेलू जरूरत में काम आने वाले सामानों की दुकान लगी रही। शाम के समय रामलीला में कलाकारों ने राम और रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन किया। शाम सात बजे रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। पुतला दहन कार्यक्रम को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। हनुमान धाम में पुतला दहन के दौरान मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सुरेश राणा, मृगांका सिंह, साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल, हनुमान धाम के प्रधान सलिल द्विवेदी, पुनित द्विवेदी, मा. अनुराग शर्मा, लोकेश वशिष्ठ, राजकुमार संगल, सूरज कुमार व उत्तम नामदेव आदि मौजूद रहे।
ऊन कस्बे में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। व्यापारियों ने अपने बही खाते का पूजन कर नए बही खाता बनाए और शस्त्र पूजन किया गया। दशहरे पर रावण के पुतले दहन किए गए। पंडित चंद्र दत्त शर्मा ने कहा कि इस दिन हम सभी को अच्छाई को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।
थानाभवन में सुबह परिवारों में पायते डालकर पूजन किया गया। दोपहर दो बजे हल्की बरसात में रावण का पुतला भीग गया। आनन फानन मे तिरपालों की व्यवस्था कर बचाने का प्रयास किया गया। शाम पांच बजे तक कारीगरों ने पुतले को ठीक कर खड़ा किया। मंच पर प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। इसके बाद श्रीराम द्वारा रावण का वध करने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। पुतला दहन होते ही लोगों ने जय श्रीराम के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया।