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लॉकडाउन में राशन वितरण, मच गई आपाधापी

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शामली मौहल्ला गुजरातियान में राशन वितरण के दौरान हंगामा करते लोग - फोटो : SHAMLI
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लॉकडाउन में राशन लेने को मच गई आपाधापी
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शामली। लॉकडाउन के बीच बुधवार को राशन डीलरों की दुकानों से राशन वितरण शुरू हुआ तो आपाधापी मच गई। सुबह छह बजे से ही भीड़ लगनी शुरू हो गई। सत्यापन के लिए पर्यवेक्षक के तौर पर लगाए गए कर्मचारियों के समय पर नहीं पहुंचने पर राशन वितरण बाधित रहा। कैराना और जलालाबाद में राशन की दुकान पर जमा भीड़ को पुलिस ने नियंत्रित किया। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने भी कई राशन डीलर के यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अमर उजाला टीम ने जिले में राशन वितरण व्यवस्था की पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट -
शिक्षामित्र ही नहीं पहुंचा
शहर के गुजरातियान मोहल्ले में सुबह करीब सात बजे राशन डीलर के यहां भीड़ लगी थी, लेकिन पर्यवेक्षक (शिक्षामित्र) नहीं पहुंचा। राशन वितरण शुरू न होने पर लोग गुस्से में थे। उधर, बड़ी माता मंदिर के पास राशन डीलर की दुकान पर भीड़ रही। पुलिसकर्मियों ने निशान बनवाकर लोगों को खड़ा कराया।
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ई-पॉश मशीन ने दिखाए नखरे
ब्लॉक कार्यालय रोड पर राशन डीलर के यहां भीड़ लगी थी। डीलर देवेंद्र ने बताया कि ई-पॉश मशीन में तकनीकी समस्या है। इंटरनेट स्पीड भी धीमी थी। इसे लेकर लोगों ने हंगामा किया, लेकिन डीलर से समझाकर शांत किया।
झिंझाना में देरी से हुआ वितरण
कस्बा झिंझाना के मोहल्ला रामनान में राशन डीलर के यहां सुबह छह बजे से भीड़ लग गई। नौ बजे वितरण शुरू हुआ। मोहल्ला शाहमुबारिक में डीलर के यहां लंबी लाइन लगी थी। जलालाबाद में भी राशन विलंब से वितरित होने पर हंगामे के हालात बने रहे।
पर्यवेक्षक भी मुश्किल में
राशन वितरण के लिए सुबह छह से रात के नौ बजे तक का समय तय किया गया है। पर्यवेक्षकों के लिए 15 घंटे लंबी ड्यूटी करना चिंता का विषय है, लेकिन खुलकर कोई बोलने को तैयार नहीं है।
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जिले में राशन वितरण की स्थिति
राशन कार्ड धारक 2.17 लाख
यूनिट 9.02 लाख
अंत्योदय कार्ड 14,765
मनरेगा के सक्रिय मजदूर 20,000
राशन डीलर 456
- ये होगा रेट
गेहूं 2 रुपये किलो
चावल 3 रुपये किलो
जिले में 14,765 अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को राशन सामग्री निशुल्क मिलेगी, ये वह लोग हैं जो श्रम विभाग में रजिस्टर्ड हैं। व्यवस्था पारदर्शी बनाने के लिए पालिका कर्मी, शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि को पर्यवेक्षक बनाया था, लेकिन बहुत जगहों से इनके समय पर न पहुंचने की शिकायत आई हैं। इस वजह से वितरण में कुछ जगह देरी हुई।
- ओमहरि उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी
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