शामली। मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र से लापता युवक की हत्या से बाबरी में बवाल हो गया। उसकी बाइक मंगलवार को बाबरी पुलिस को मिली थी। वहीं पर उसका शव 24 घंटे तक पड़ा रहा।
बुधवार को शव मिलने के बाद गुस्साई भीड़ ने थानाध्यक्ष बाबरी और पुलिस कर्मियों की पिटाई कर दी और वाहनों में तोड़फोड़ की। शामली-मुजफ्फरनगर मार्ग पर जाम लगा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष बाबरी को सस्पेंड करने और 24 घंटे में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
गांव नंगला पिथौरा निवासी शिवराज उर्फ मोनू (25) पुत्र तेजपाल मंगलवार सुबह नौ बजे चचेरे भाई सोनू की बाइक लेकर जसोई गांव गया था। दोपहर बाद तक शिवराज घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं लगा तो परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
उधर, बुधवार सुबह बाबरी थाना क्षेत्र के गांव गोगवान जलालपुर के जंगल में शिवराज पड़ा मिला। मंगलवार को इसी स्थान पर उसकी बाइक पड़ी मिली थी। सूचना मिलते ही बाबरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। उसको शामली नर्सिंगहोम ले जाया गया, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद बाबरी पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। गोगवान के जंगल में ही ग्रामीणों ने पुलिस जीप पर पथराव कर दिया। दो दरोगा तथा सिपाहियों की पिटाई कर दी। इसी बीच थानाभवन थाने के पुलिसकर्मी जीप लेकर वहां पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन पर भी पथराव कर दिया।
फिर ग्रामीण बाबरी थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की। आरोप है कि एक सिपाही ने ग्रामीणों पर राइफल भी तान दी। इससे लोगों को गुस्सा भड़क उठा और थानाध्यक्ष यूसुफ खान और अन्य पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी। ग्रामीणों का कहना था कि मंगलवार रात बाबरी थाने में गए थे, तब पुलिस ने बाइक को लावारिस मिलना बताया था।
यदि उसी दौरान शिवराज को वहां से उठवाकर अस्पताल भेज दिया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी। इसी दौरान पुलिस ने शिवराज के तीन परिजनों को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने शामली-मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित बुटराडा बस स्टैंड पर शिवराज का शव रखकर जाम लगा दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा, सीओ सिटी निशांक, सीओ थानाभवन भूषण वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अपर पुलिस अधीक्षक ने शिवराज के हत्यारोपियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी और थानाध्यक्ष बाबरी को सस्पेंड करने का आश्वासन दिया, साथ ही हिरासत में लिए गए तीनों ग्रामीणों को भी छुड़वाया।
इसके बाद बाबरी थाना पुलिस ने शिवराज का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शिवराज के ताऊ के लड़के नरेश की ओर से अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
नेताओं को खदेड़ा
जाम लगाकर बैठे ग्रामीणों में बाबरी पुलिस को लेकर आक्रोश था। बाद में भारतीय किसान संगठन के ठाकुर पूरण सिंह लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें शांत कराया। इस दौरान एक खद्दरधारी युवक वहां पहुंचा और तितावी पुलिस पर भी कार्रवाई की मांग को लेकर बोलने लगा। जिससे हंगामा हो गया। बाद में पुलिस ने उसे वहां से खदेड़ा, तभी लोग शांत हुए।
दरअसल, शिवराज की मौत से गुस्साए लोग जाम लगाकर बैठे थे, तो ठाकुर पूरण सिंह वहां पहुंचे और उन्होंने लोगों से बात की। ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि जो हो गया, वह बदला नहीं जा सकता। अब पुलिस आपका सहयोग करने के लिए तैयार है। तभी ग्रामीणों ने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी, बाबरी थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग रख दी।
मेहंदी भी नहीं सूखी थी
अभी तो उसके हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी कि सुहाग छीन लिया गया। 11 दिन पूर्व ही तो पांच फरवरी को शिवराज दूल्हा बना था। उसकी शादी सहारनपुर के गांव हसनपुर भलसवा की दिव्या से हुई और मंगलवार को शिवराज की हत्या हो गई। इस वारदात से शिवराज के गांव नंगला पिथौरा में मातम पसर गया।
शिवराज उर्फ मोनू के पिता की 20 साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। घर में शिवराज के अलावा उसकी मां व दो बहनें हैं। अभी पांच फरवरी को उसकी सहारनपुर के हसनपुर भलसवा निवासी दिव्या से शादी हुई थी। शादी के बाद पूरे परिवार के खुशी का माहौल था। शिवराज की हत्या की खबर से परिवार पर जैसे की दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
ननौता से जुड़े हो सकते हैं हत्या के तार
शामली। पुलिस शिवराज के मोबाइल की सीडीआर (कॉल डिटेल रिपोर्ट) खंगाल रही है, जिसमें यह पता चला है कि मंगलवार को ननौता के पीसीओ से भी शिवराज को कॉल की गई थी। ऐसे में शिवराज की हत्या के तार ननौता क्षेत्र से जुड़ते नजर आ रहे हैं। नंगला पिथौरा निवासी शिवराज मंगलवार सुबह से लापता चल रहा था।
परिजनों ने उसका मोबाइल नंबर पुलिस को बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसके नंबर की सीडीआर निकलवाई। मालूम चला है कि मंगलवार को उसकी एक पीसीओ के नंबर से अंतिम बातचीत हुई। पुलिस की टीम ननौता से उक्त पीसीओ संचालक को पकड़ लाई है और पूछताछ की जा रही है।