फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मीट प्लांट पर प्रशासन ने लगाई सील

Sat, 25 Mar 2017 12:03 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
raid - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कैराना। कस्बा कैराना में कांधला रोड स्थित मीट प्लांट मीम एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड पर प्रशासन ने सील लगा दी है। कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौजूद रही।
विज्ञापन


अवैध बूचड़खानों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत कैराना के कांधला रोड स्थित मीम एग्रो फूड प्राइवेट लिमिटेड पर कई दिन से निरीक्षण की कार्रवाई चल रही थी। आरोप लग रहे थे कि प्लांट के अंदर चोरी के पशु और कम उम्र के पशुओं का कटान भी होता है।

इसके साथ ही प्लांट में हड्डियां गलाने वाली भट्ठी से निकलने वाले धुएं के कारण वातावरण में प्रदूषण फैलाने तथा पशुओं का रक्त भूमि में पहुंचाने के आरोप लग रहे थे।  शुक्रवार को भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मीट प्लांट पर छापा मारा और वहां से मांस का नमूना भरकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया।
विज्ञापन


वहीं, जिलाधिकारी सुजीत कुमार के निर्देश पर एसडीएम ऊन विजय प्रकाश तिवारी, तहसीलदार अभय राज पांडेय, सीओ भूषण वर्मा, कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी अमन सिंह पुलिस और पीएसी के साथ मीट प्लांट पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्लांट के प्रबंधक मोहम्मद फाजिल कुरैशी को आदेशों का हवाला देते हुए मीट प्लांट खाली करने को कहा और प्लांट पर सील लगाने की बात कही।

इसके बाद एसडीएम ऊन ने मीट प्लांट के तीन मुख्य गेटों पर सील मुहर लगा दी। एसडीएम ने बताया कि मीट प्लांट के छोटे गेट पर अभी सील नहीं लगाई गई है ताकि छोटे गेट से प्लांट के अंदर का सारा सामान बाहर निकाला जाए। सामान निकालने के बाद छोटे गेट पर भी सील लगा दी जाएगी।

बिना लाइसेंस चल रहीं मीट की दुकानें बंद 
थानाभवन। प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के साथ ही नगर पंचायत थानाभवन भी हरकत में आ गई है। कई सालों से बिना लाइसेंस के चल रही दो दर्जन से ज्यादा मीट की दुकानों को अधिशासी अधिकारी ने बंद करा दिया। नगर पंचायत की सख्ती से मीट कारोबारियों में हड़कंप मचा है।

शुक्रवार को नगर पंचायत थानाभवन के अधिशासी अधिकारी रवि यादव ने नगर पंचायत कर्मचारियों की टीम के साथ गगन सिनेमा मार्ग, सैयदान, छत्ताबंगला, नबीपुरा आदि मोहल्लों में चल रही मीट की दो दर्जन से अधिक दुकानों को बंद करा दिया। बताया कि नगर पंचायत से मीट बिक्री का कोई लाइसेंस नहीं लिया गया है।

नियम के अनुसार मीट बिक्री के लिए कोई भी दुकान आबादी के बीच नहीं चल सकती है। साथ ही धार्मिक स्थल और स्कूल कॉलेज के पास भी नहीं चलेगी। क्षेत्र व नगर में कहीं भी पशु कटान की सूचना मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में पशु चोरियों की घटनाओं के चलते नगर व क्षेत्र में पशु स्वामियों में खासा खौफ बना रहता है।

लोगों का मानना है कि बदमाश पशुओं को चोरी कर काटकर बेच देते हैं। जिससे उनका कोई चिह्न ही नहीं रहता तो चोरी किए पशुओं के मिलने का तो सवाल ही नहीं। कटान बंद होने से चोरियों पर भी अंकुश लगने की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें