पुन्नालाल के शव का लखनऊ में भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
शामली / थानाभवन। 19 फरवरी से लापता पुन्नालाल का शव 26 अप्रैल को बंद मकान में मिलने के बाद से ही पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। शव की हालत देख स्थानीय डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद शव को लखनऊ फोरेंसिक लैब में भेज दिया गया, लेकिन वहां पर शव नियमों के फेर में फंस गया। स्थानीय अफसरों ने लखनऊ के अफसरों से बात हुई, लेकिन बात नहीं बनी। मंगलवार को शव वापस शामली लाया गया। अब यहां भी उसके पोस्टमार्टम, विसरा आदि कार्रवाई पूरा होने में दो दिन लगेंगे। बड़ा सवाल है कि मौत के बाद भी पुन्नालाल के शव की जो बेकद्री हो रही है उसका जिम्मेदार कौन है ? इसकी भी जांच होनी चाहिए।
इस प्रकरण में सबसे पहली लापरवाही तो थाना पुलिस ने की। पीड़ित अशोक ने 27 फरवरी को ही पुन्नालाल और उसकी देखरेख करने वाले अपने भाई और बेटी की गुमशुदगी की तहरीर पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज नहीं की। उन्हें ढूंढने तक की कोशिश नहीं की गई। 26 अप्रैल को पुन्नालाल का शव मकान से मिलने पर पुलिस को अपनी चूक का अहसास हुआ तो परिजनों से तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने तर्क दिया कि परिजनों ने फोटो उपलब्ध नहीं कराए थे इसलिए गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई। दूसरी चूक स्वास्थ्य विभाग से हुई। चिकित्सकों ने शव की हालत देख पुन्नालाल के शव का पोस्टमार्टम ही नहीं किया। तर्क दिया गया कि फोरेंसिक जांच में ही मौत की सही वजह पता चल सकती है। इस शव को फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ सीएफएल भेज दिया गया, लेकिन वहां के अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर जांच से ही इंकार कर दिया। स्थानीय पुलिस अफसरों ने वहां बात कर शव को वहां रखवाने का तो इंतजाम कर दिया, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी वहां शव की जांच नहीं हुई। बुधवार को शव को वापस शामली भेज दिया गया। अब यहीं पर इसकी जांच होगी।
विसरा, एक्सरे ,वीडियोग्राफी ,फोटो लैब भेजे जाएंगे : एसपी
एसपी अजय कुमार ने बताया कि लखनऊ से बताया गया कि शव को इस तरह भेजने की बजाय शव का पोस्टमार्टम करके उसके फोटो, वीडियोग्राफी, विसरा और एक्सरे लैब में जांच को भेजा जाना चाहिए था। उक्त जांच के बाद ही फोरेंसिक लैब इसमें अपनी रिपोर्ट देती है। यही नियम बताए गए। इसी वजह से वहां शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। शव शामली पहुंच गया है। उसका पोस्टमार्टम यहां कराकर उसके फोटो, वीडियोग्राफी और विसरा को वहां भेज दिया जाएगा। इसके बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा।
नियम बदल गए होंगे -सीएमओ
सीएमओ संजय भटनागर ने बताया कि पहले शव को ही फोरेंसिक लैब भेजा जाता था। वहां पर पोस्टमार्टम और अन्य जांच के बाद रिपोर्ट आती थी। हो सकता है वहां नियम बदल गए हों। वैसे इस तरह के मामले भी कम ही आते हैं। अब शव आ गया है। उसके पोस्टमार्टम और अन्य जांचें कराई जा रही हैं। ये जांच संभवत: बुधवार तक पूरी हो जाएंगी। इसमें किसी स्तर की चूक नहीं है।
केस में अब तक
27 फरवरी - पुन्नालाल के बेटे ने लापता होने की सूचना दी।
26 अप्रैल : बंद कमरे से शव बरामद हुआ।
27 अप्रैल -पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम को भेजा
28 अप्रैल- डॉक्टरों ने बिना पोस्टमार्टम शव लखनऊ फोरेंसिक जांच को भेजा
30 अप्रैल- लखनऊ फोरेंसिक लैब ने जांच से इंकार किया। शव वापस शामली पहुंचा।