शामली। विदेश में पानी के जहाज पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो चचेरे भाइयों से 10.30 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। पीड़ित युवक ने न्यायालय के आदेश पर कांधला थाने पर ग्रेटर नोएडा की संस्कार फिशिंग सर्विस प्रा. लि. एकेडमी के डायरेक्टर और प्रबंधक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कस्बा कांधला के मोहल्ला खैल निवासी करन सैनी ने थाने पर एकेडमी के डायरेक्टर अनुराग मलिक, प्रबंधक नीरज जादोन, सेकंड काउंसलर नवनीत कौर, एजेंट अजीत चक्रवर्ती व सुनील उर्फ सुशील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
दर्ज रिपोर्ट में करन सैनी ने बताया कि उसने व उसके चचेरे भाई तरुण सैनी ने फेसबुक व इंस्ट्राग्राम आईडी पर एकेडमी का विज्ञापन देखा, जिसमें लोगों को पानी को पानी के जहाज पर नौकरी देने व ट्रेनिंग देने की जानकारी दी गई थी। उन दोनों भाइयों ने एकेडमी जाकर संपर्क किया तो नीरज जादौन ने कंपनी के डायरेक्टरों, कांउसर व एजेंटों से मिलवाया।
उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी विदेश में पानी के जहाज पर नौकरी लगवाती है और अच्छी खासी तनख्वाह दिलाती है। इसके लिए तीन माह की ट्रेनिंग एकेडमी में ही करने की बात कही, जिसकी फीस एक लाख 65 हजार प्रति व्यक्ति बताई। दोनों ने उनके झांसे में आकर तीन लाख 30 हजार रुपये अदा कर दिए।
दिसंबर 2024 में ट्रेनिंग पूरी करने पर उन दोनों भाइयों को 300-300 डॉलर प्रति माह तनख्वाह और बोनस के साथ 15 माह का कांट्रेक्ट बताया। उन्होंने दो लाख रुपये ऑनलाइन अप्रैल में और पांच लाख रुपये नकद मई में दिए।
पीड़ित का कहना है कि 15 मई को उन्हें बताया कि तमिलनाडु से मलेशिया की फ्लाइट है और कंपनी का व्यक्ति वहीं मिलेगा। आरोपियों ने दिल्ली में कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराए औरे हवाई जहाज से तमिलनाडु भेज दिया। वहां से उन्हें क्वालालांपुर मलेशिया और फिर मीरी शहर पहुंचाया। वहां से 800 किलोमीटर दूर कुचिंग शहर ले गए। वहां से उन दोनों भाइयों को सात साल से रिपेयरिंग के लिए खड़े जहाज पर ले जाकर छोड़ दिया गया। वहां से उन्हें अच्छे जहाज पर जॉइन कराने का झांसा देते रहे। इसके बाद वे अपने खर्चे से मलेशिया एयरपोर्ट पहुंचे और परिजनों को जानकारी दी।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें मलेशिया में बंधक बनाकर रखा गया। आरोपियों ने उनके परिजनों को धमकी दी कि अगर कहीं शिकायत की तो उनके लड़कों को मलेशिया में मरवा देंगे या झूठे मामले में जेल भिजवा देंगे। आरोपियों ने परिजनों से पांच लाख रुपये की मांग की। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने दूतावास पर शिकायत की। इसके बाद उन्हें वापस भारत बुलाया गया।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी कर 10 लाख 30 हजार रुपये हड़प लिए। न्यायालय के आदेश पर कांधला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।