मुजफ्फरनगर। बिंदल ग्रुप से जुड़े कारोबारी से ट्रेडिंग में निवेश कर ज्यादा लाभ होने का लालच देकर तीन करोड़ नौ लाख 22 हजार की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना पुलिस ने बाराबंकी निवासी जॉर्डन उर्फ जेम्स उर्फ खालिद को पकड़ा है। उसके तार नेपाल व कंबोडिया, चीन, सिंगापुर में बैठे ठगों से जुड़े हैं। उसने खुद भी नेपाल में ठगी का काम सीखा। वह एपीके फाइल भेजकर ठगी करता था।
पुलिस लाइन में एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि कुछ समय पहले नई मंडी निवासी सचिन कुमार से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती कर ट्रेडिंग में ज्यादा लाभ दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी की थी। साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई कर मोहम्मद माज व अम्बरीश मिश्रा को सात दिसंबर को पकड़ा जा चुका है। अब जनपद गाजीपुर के मूल निवासी व वर्तमान में जनपद बाराबंकी की साईपुरम बस्ती निवासी खालिद को पकड़ा।
पुलिस ने आरोपी के नेपाल के नंबर को ट्रेप कर उसे गिरफ्तार किया। वह जोर्डन व जेम्स नाम से टेलीग्राम आईडी के माध्यम से लोगों को ठगता था। खातादारों के मोबाइल मिरर कर देता था। वह चीन की एपीके फाइल भेज कर ठगी करता था। वह वाईफाई राउटर से कालिंग करता था। उसकी आईडी उसके मोबाइल से मैच कराने पर सही पाई गई ।
वह पहली बार पकड़ा गया। उसका एसबीआई का खाता है। उस पर 23 शिकायत विभिन्न राज्यों की दर्ज है। इनमें दस करोड़ का लेनदेन हुआ है। तीन करोड़ नौ लाख 22 हजार रुपये की ठगी के मामले में प्रयोग किए गए अन्य खातों की जांच की जा रही है। उससे दो मोबाइल, एक लैपटाॅप, एक वाईफाई राउटर बरामद किया।
50 लाख रुपये कराए फ्रीज
एसपी क्राइम ने बताया कि पुलिस ने अब तक कारोबारी के लगभग 50 लाख रुपये फ्रीज कराए है। दिशा मानव कल्याण एवं उत्थान समिति के खाते में 1 करोड़ 27 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। इसके अतिरिक्त उक्त खाते पर तमिलनाडु, दिल्ली व महाराष्ट्र से भी दो करोड़ एक लाख 53 हजार 200 रुपये की ठगी की है। साइबर अपराधियों ने कारोबारी के पैसे को दिशा मानव कल्याण एवं उत्थान समिति सहित 29 खातों में भेजकर निकाला था।-
कंबोडिया के ठगों से पार्टी में मिला था आरोपआरोपी ने बताया कि उसने बाबू बनारसीदास विश्व विद्यालय से बीएचएमसीटी की ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। नौकरी की तलाश में उसकी मुलाकात सार्थक निवासी बाराबंकी से हुई। सार्थक निवेश के नाम पर पैसे का लेन देने करता था। उसने उसके साथ काम करते हुए 7 माह में 40 लाख रुपये उसे दिए।
उसने 40 प्रतिशत लाभ देने का वादा किया था। उसने सभी पैसे नहीं लौटाए। उसने उसे बाराबंकी के मूल निवासी अमान जो वर्तमान में नेपाल में रहता है। उससे नेपाल में मिलाया। वहां रहकर आनलाइन ठगी का काम सीखा। अमान के साथी कम्बोडिया, चीन, सिंगापुर में रहकर ठगी करते हैं।उनसे भी पार्टी में मिला था। नेपाल से एक फोन व मोबाइल नंबर लेकर भारत आ गया। उसने जोर्डन और जेम्स नाम से टेलीग्राम पर पेज बनाये और उनसे ठगी शुरु की। अब तक 50 से ज्यादा खातों पर लेनदेन करा चुका है। खातों देने वालों को 2 प्रतिशत कमीशन देता है। उसने माज व अम्बरीश मिश्रा व उपेन्द्र पटेल से मानव सेवा संस्थान समिति का आइसीआइसीआइ बैंक का खाता लिया था।
इस बैंक खाते से जुड़े रजिस्टर्ड नंबर के मोबाइल पर चाइनीज एपीके फाइल भेजकर फोन को मिरर किया। यह खाता कारोबारी का था। उस खाते से ठगी की। उस खाते के एवज में उसने कमीशन के रूप में एक लाख 30 हजार रुपये माज, अम्बरीश मिश्रा व उपेन्द्र पटेल को दिए थे।