दूसरे मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र धीरयान ने बताया कि दो अक्तूबर 2017 की रात कैराना कोतवाली में तैनात एसआई नेमचंद ने पुलिस टीम के साथ बदमाशों की घेराबंदी की। इस पर बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर तमंचे से फायरिंग कर दी।
वहीं, पुलिस ने आरोपी शहजाद निवासी मोहल्ला ऑल कलां थाना कैराना को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। पिछले पांच साल से जेल में बंद मुजरिम शहजाद की अभी तक जमानत नहीं हो सकी है।
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वहीं, 12 जुलाई 2022 को जेल में बंद मुजरिम शहजाद ने पत्र के माध्यम से कोर्ट में जुर्म स्वीकार कर क्षमा याचना की थी। अपर जिला सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार ने सोमवार को मुजरिम शहजाद को सात साल कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।