शामली। जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) की एक नवंबर को होने वाली मतगणना में संासद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख मतगणना एजेंट नही बनेंगे। जन प्रतिनिधियों को मतगणना स्थल से दो सौ मीटर दूर अपने सुरक्षा गार्ड छोड़ने पड़ेंगे। आपराधिक इतिहास वाले भी मतगणना एजेंट बनने से वंचित होंगे।
रविवार को विकास भवन में सीडीओ विनोद कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया बीडीसी सदस्य के लिए ब्लाक स्तर पर पांच जोनल मजिस्ट्रेट बनाए जाएंगे। जोनल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के राजपत्रित अधिकारी बनाए जाएंगे। जोनल मजिस्ट्रेट की सहमति और हस्ताक्षर से बीडीसी के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। जिला पंचायत सदस्य के परिणाम से प्रेक्षक की सहमति और हस्ताक्षर से घोषित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया मतगणना स्थल पर मतगणना पर्यवेक्षक को छोड़कर जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, सीडीओ समेत जिला स्तरीय अधिकारी अपना मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। वह अपना मोबाइल साइलेंट पर लगाए रखेंगे। मतगणना स्थल पर एआरओ स्तर पर चार टेबल लगाई जाएगी। इसमें जिला पंचायत सदस्य स्तर पर दो, बीडीसी सदस्य स्तर पर दो टेबल होगी। प्रत्येक एआरओ स्तर पर होने वाली मतगणना की मतगणना कराई जाएगी। लाउड स्पीकर द्वारा मतगणना के परिणामों की वार्ड स्तर परिणाम की घोषणा होगी।
मोबाइल पर रहेगा प्रतिबंध
शामली। सीडीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशी जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। उन्होंने बताया प्रत्याशी, एजेंट, सुपरवाइजर और कर्मचारी मतगणना स्थल पर अपने मोबाइल, लाइटर, चाकू समेत तेजधार हथियार ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
प्रशिक्षण 27 को
शामली। सीडीओ ने बताया मतगणना कर्मचारियों और सुपरवाइजरों का 27 अक्तूबर को प्रशिक्षण दस बजे नई मंडी स्थल पर होगा। उन्होंने बताया प्रशिक्षण में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं आएंगे। न ही उनकी गैर हाजिरी लगेगी। आरओ और एआरओ का प्रशिक्षण बारह बजे कलक्ट्रेट में होगा।