वायु प्रदूषण से बढ़े खांसी और सांस के मरीज
शामली। जिले में बढ़ रहे वायु प्रदूषण का लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रदूषण बढ़ने से सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि प्रदूषण से बचने के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है। इसमें लापरवाही सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है।
अक्तूबर माह से जिले में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। सुबह-शाम को प्रदूषण की धुंध सी छाई रहती है। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन और पानी आने की समस्या बनने के साथ ही खांसी, जुकाम और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सीएचसी शामली के चिकित्साधिकारी डॉ. विजेंद्र कुमार ने बताया कि ओपीडी में 50 मरीजों में लगभग 25 से 30 मरीज जुकाम और खांसी के आ रहे हैं। सांस संबंधी रोगों के दो-तीन मरीज आ रहे हैं। यह स्थिति पिछले करीब 10 दिन से बन रही है। इससे पहले यह संख्या कम थी। इसकी वजह वायु प्रदूषण और मौसम में बदलाव है। ऐसे मौसम में लोगों को जरूरी एहतियात बरतनी चाहिए। सीएचसी में नेत्र परीक्षण अधिकारी डा. राजकुमार ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से आंखों में जलन व पानी आने के केस बढ़े है।
बच्चे और बुजुर्ग पर ज्यादा प्रभाव
प्रदूषित वातावरण का असर बच्चों और बड़ी उम्र के लोगों पर ज्यादा पड़ता है। इनकी इम्यूनिटी पावर कम होने और फेफड़े छोटे होने के कारण संक्रमण बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए बच्चों और बड़ों को ज्यादा से ज्यादा समय घर के अंदर ही रहना चाहिए।
वायु प्रदूषण से बचाव
घर से बाहर निकलने पर फेस मास्क लगाएं।
सुबह-शाम घर के दरवाजे-खिड़की बंद रखें।
बाहर के बजाए घर के अंदर ही योग करें।
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन करें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनकर बाहर निकलें।
कोट
प्रदूषित वातावरण में धूल के महीन कण और जहरीली गैस हवा में घुलकर जब तक फेफड़े में पहुंचती है, तो संक्रमण होने का खतरा बन जाता है, जिससे सांस और खांसी की समस्या बनती है। इससे बचाव के लिए एहतियात बरतें और फेस मास्क जरूर लगाएं। फेस मास्क लगाने से कोरोना और प्रदूषण दोनों से बचाव होगा।
- डा. वीबी ढाका, सीएमओ।