कैराना (शामली)। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) अशोक भारतेंदु ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। दोषी कपिल निवासी तीतरवाड़ा को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। साथ ही उस पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र मलिक ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना 11 फरवरी 2021 को हुई थी। थाना कैराना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी अपनी सहेलियों के साथ खेलने जा रही थी। रास्ते में सहेलियां अपने घर चली गईं। इसी दौरान कपिल किशोरी को जबरन अपने घर ले गया। वहां उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद किशोरी रोते हुए अपने घर पहुंची और मां को आपबीती बताई। मां उसे उपचार के लिए चिकित्सक के पास ले गई।
परिजनों ने कोतवाली कैराना में कपिल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद न्यायालय में उसके बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने कपिल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। न्यायाधीश अशोक भारतेंदु ने पत्रावलियों का अवलोकन किया। इसके बाद कपिल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई।