शामली। हरिद्वार की तर्ज पर विकसित किए जा रहे गंदेवड़ा संगम पर पानी रोकने और छोड़ने के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां पर शौचालयों एवं स्नान गृहों का भी निर्माण कराया जाएगा। पूर्व में स्वीकृत हुए एक करोड़ 77 लाख रुपये में से सिंचाई विभाग ने अवशेष 88.49 लाख रुपये शासन से मांगे हैं।
शामली और सहारनपुर जिले की सीमा पर गंदवेड़ा में गंगा-यमुना संगम को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। सिंचाई विभाग से संगम को विकसित कराने के लिए एक करोड़ 77 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत की थी। शासन से 88 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। इस राशि से नहर के दोनों ओर की पटरी-सीढ़ियां रैलिंग बना दी गईं हैं। फिलहाल गंगा-यमुना नहर में पानी को कंट्रोल करने के लिए कंट्रोल रूम का निर्माण कार्य चल रहा है। इसे पूरा कराने के लिए और बजट की जरूरत है। कंट्रोल रूम बनने से नहर में पानी सुविधा के अनुसार छोड़ा या रोका जा सकता है।
पूर्वी यमुना नहर खंड के एसडीओ निर्देश कुमार ने बताया कि संगम के सुंदरीकरण के लिए अवमुक्त हुई धनराशि खर्च हो चुकी है। कंट्रोल रूम, शौचालय और स्नान घर बनाने के लिए अवशेष धनराशि शासन से मांगी गई है। अपर यमुना नहर खंड सहारनपुर के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि गंदवेड़ा संगम को विकसित करने के लिए 88 लाख 49 हजार की धनराशि शासन से मांगी गई है।
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पर्यटन विकास के लिए तैयार हो रहा री-एस्टीमेट
शामली। गंदवेड़ा संगम को विकसित करने के लिए शासन को जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग के माध्यम से 14 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा था। तीन माह पूर्व लखनऊ मुख्यालय पर इसके री-एस्टीमेट को लेकर चर्चा हुई थी। परियोजना का संशोधित बजट भेजने के निर्देश दिए गए थे। जिले लोक निर्माण विभाग अब गंदवेड़ा संगम को विकसित करने के लिए मौका मुआयना करके री-एस्टीमेट तैयार करने में लगा है।
अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि संगम का री-एस्टीमेट तैयार करने के लिए काम चल रहा है। मेरठ-सहारनपुर मंडल की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी ने बताया कि संगम का री-एस्टीमेट लोक निर्माण विभाग से मिलते ही पर्यटन विभाग की ओर शासन को भेजा जाएगा। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि गंगा-यमुना संगम पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस पिकेट की व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
कोट...
गंगा-यमुना संगम गंदेवड़ा को विकसित करने के लिए सिंचाई, विद्युत और पर्यटन विभाग को डीएम जसजीत कौर की ओर से पत्र भेजा गया है। जिसमें संबंधित विभागों से री-इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन विभाग को पर्यटन सुविधा केंद्र, बैंच, सोलर लाइट, खंभे, तार, ट्रांसफार्मर लगाने कार्य करना है। - ललित अग्रवाल, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड शामली।