हरदोई के ताडियाव के रहने वाले बस चालक वेदपाल ने बताया कि शनिवार को वह बस में मजदूरों को लेकर पंजाब के जालंधर जा रहा था। सभी को जालंधर में आलू की बुवाई करनी थी। बताया कि जैसे ही पानीपत-खटीमा मार्ग पर दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे के गोल चक्कर के पास पहुंचा तो सामने से तीव्र गति से आ रहे कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह बस के आगे के हिस्से में फंस गया। उसके पैर बस के बोनिट में फंस गए।
वहीं, लखीमपुर खीरी के महमूदनगर निवासी रविंद्र, उदयराज, हरदोई का ताडियाव का कृष्ण, अर्चना, हरदोई की ओमवती पत्नी प्रकाश, अजय प्रताप, रागवेंद्र, प्रकाश, सीतापुर का शुभम, हरदोई के ताडियाव का सचिन, सोमित, अतुल ,पवन, उमेश, मंजीत, रजनी, सरजीत, अनिता, गीता पत्नी छोटेलाल, अर्चना, लखीमपुर का महमूद नगर का अजय प्रताप आदि समेत 24 घायल हो गए। कुछ घायलों को प्राइवेट अस्पताल तो कुछ को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात कंटेनर चा लक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
एक ही साइड से वाहनों का आवागमन बना हादसे की वजह
हरदोई के ताडियाव के कृष्ण ने बताया कि जिस मार्ग से बस जालंधर के लिए जा रही थी। वहां पर एक ही मार्ग से दोनों साइड के वाहनों का आवागमन किया जा रहा था। दूसरा रास्ता निर्माणधीन होने के कारण बंद था। दूसरा तेज बारिश भी पड़ रही थी। तेज बारिश और एक ही साइड से वाहनों का आवागमन ही हादसे की वजह बना।
जगा तो घायलावस्था में पड़ा था
हरदोई के अजय प्रताप ने बताया कि हर साल हरदोई, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के मजदूर जालंधर में आलू या फिर अन्य फसलों को लगाने के लिए जाते हैं। मैं भी बस में सफर कर रहा था। बारिश आ रही थी। जिसके कारण कुछ देर के लिए सो गया। अचानक ही तेज झटका लगा और मैं घायलावस्था में पड़ा था। हादसा कैसे हुआ, मुझे नहीं पता।
पुलिस बनी फरिश्ता
हादसे के दौरान यात्रियों में चीख पुकार मची हुई थी। इसी दौरान बाबरी थाना पुलिस और एनएचएआई के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। चीख पुकार मचा रहे यात्रियों को बसों से निकालकर अस्पतालों में पहुंचाया। चालक वेदपाल बस के बोनेट और सीट के बीच में फंस गया था। पुलिस के जवानों ने करीब 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। हालांकि, चालक की हालत में सुधार है। उपचार के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल और प्राइवेट अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।