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Shamli News: गलत बिजली बिलों से उपभोक्ता परेशान, आयोग ने दिखाई सख्ती

Sun, 29 Mar 2026 01:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। जनपद में गलत बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। बिल जमा करने के बावजूद उपभोक्ताओं को दोबारा बकाया दर्शाकर भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। ऐसे मामलों में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए ऊर्जा निगम पर जुर्माना लगाकर उपभोक्ताओं को राहत दिलाई है। हर माह 15 से बीस मामले आयोग में पहुंच रहे हैं।
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मामलों की बानगी...
केस-1
मोहल्ला रेलपार निवासी किसान सरवेंद्र ने वर्ष 2019 में 9039 रुपये का बिल जमा कर दिया था। इसके बावजूद बाद में उसे 24 हजार रुपये का गलत बिल भेज दिया गया, जिसमें जमा राशि को भी बकाया दिखाया गया। कई बार शिकायत करने के बाद भी बिल सही नहीं किया गया। आयोग ने पांच फरवरी को फैसला सुनाते हुए अधिशासी अभियंता पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

केस-2
शहर के मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी नीटू को वर्ष 2025 में बिल जमा करने के बावजूद 20 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। पीड़ित ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आयोग ने मामले में सुनवाई करते हुए ऊर्जा निगम पर जुर्माना लगाया और उपभोक्ता को राहत दिलाई।
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केस-3
कांधला के रायजादगान मोहल्ला निवासी विनीत कुमार ने 20 जनवरी 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। उन्होंने बताया कि बिल जमा करने के बावजूद ऊर्जा निगम ने 10 हजार रुपये का बिल भेज दिया, जबकि वह पहले ही 7 हजार रुपये जमा कर चुके थे। आयोग ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराते हुए अतिरिक्त राशि माफ कर दी और ऊर्जा निगम को फटकार लगाई।

कौन कर सकता वाद दायर
ऐसे सभी मामले जिनमें किसी सेवा या लेनदेन में धन का आदान-प्रदान हुआ हो, उनकी शिकायत जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में की जा सकती है। इसके अंतर्गत बिजली, टेलीफोन, डाक, बीमा, चिकित्सा और अन्य सेवाएं शामिल हैं।

सुनवाई का दायरा
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक रुपये से लेकर पांच लाख रुपये या उससे अधिक तक के मामलों की सुनवाई की जाती है।

दंड का प्रावधान
आयोग में दोषी पाए जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन साल की सजा, आर्थिक दंड और जरूरत पड़ने पर वारंट भी जारी किया जा सकता है। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि शामली में मामलों का निस्तारण तेजी से किया जा रहा है। कई मामलों में दो से छह माह के भीतर ही फैसला सुनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर माह 15 से 20 बिजली बिल से संबंधित शिकायतें आयोग में पहुंच रही हैं, जिनका समयबद्ध निस्तारण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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