शामली। रोड़ी नहीं मिलने के कारण जिले में 100 से ज्यादा सड़कों का निर्माण अधर में लटक गया है। सड़क निर्माण के ठेकेदार को हिमाचल और दूसरे राज्यों से रोड़ी मंगाना महंगा पड़ रहा है।
दूसरे जिलो और प्रदेश में रोड़ी-बजरी नहीं मिल पाने और दूसरे प्रदेशों में इसके महंगे हो जाने से जिले में सड़कों का निर्माण प्रभावित होने लगा है। हरियाणा और हिमाचल प्रदेशों में रोड़ी के दामों में बढ़ोतरी होने से निर्माण ठेकेदार रोड़ी नहीं मंगा पा रहे हैं। रोड़ी नहीं आ पाने से शामली में सड़कों का निर्माण प्रभावित हो रहा है। लोक निर्माण विभाग प्रातीय खंड के अधिशासी अभियंता सनत गुप्त ऋषि ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में रोड़ी बजरी नहीं मिलने और 20 रुपये से लेकर 25 रुपये तक मूल्य में बढ़ोतरी होने से जिले की 100 सड़कों का निर्माण प्रभावित हो रहा है।
कंडेला-टपराना बाईपास के प्रोजेक्ट मेनेजर घनश्याम सिंह ने बताया कि खनन पर रोक के बावजूद हरियाणा के यमुनानगर जिले से 85 रुपये से बढ़कर 105-106 रुपये क्विंटल रोड़ी के दाम बढ़ गए हैं। लोक निर्माण विभाग प्रातीय खंड के ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष सन्नी निर्वाल और लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार रजत तोमर का कहना है कि सहारनपुर में खनन पर रोक के कारण पर्याप्त मात्रा में रोड़ी नहीं मिल पा रही है। जिससे जिले में 100 से ज्यादा सड़कों का काम प्रभावित हो गया है।
रोड़ी नहीं मिलने से प्रभावित जिले की सड़कें
- मेरठ-करनाल हाईवे से डोगपुरा गुरुद्वारा तक
- डोगपुरा से यमुना तट, मेरठ-करनाल से बरला जट
- कैराना-कांधला मार्ग, कैराना घोसा चुंगी से लेकर रामड़ा
- टपराना-टंकी बाईपास, बुटराड़ा-हिंड मार्ग
- पानीपत खटीमा से हाथी कराैदा मार्ग
- चौसाना- लक्ष्मीपुरा मार्ग, डोगपुरा से पठेड़ मार्ग
- माल्हीपुर रजबहे की पटरी से मतनावली