शामली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक उपवास किया। इसके अलावा आंबेडकर चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
शहर के गांधी पार्क स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक शांतिपूर्ण उपवास रखा। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और विचारधारा को योजनाओं से हटाने का कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाकर इसे गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण किया गया है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी को पूरी दुनिया नमन करती है, लेकिन भाजपा सरकार गांधी के नाम से चल रही योजनाओं को समाप्त करने पर आमादा है। मनरेगा के तहत मजदूरों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन मौजूदा सरकार इस योजना को लगातार कमजोर कर रही है। इस अवसर पर बाबूखान, चौधरी सोमदेव, विनोद अत्री, बिजेंद्रपाल वर्मा, अमित डिंपल शर्मा, शेखरपाल, ज्योति प्रसाद, इसराइल, आदेश कश्यप, मास्टर नरेंद्र सिंह, डॉ. श्रीपाल सिंह, अशोक जैन आदि मौजूद रहे।
उधर, आंबेडकर चौक पर जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा बचाओ अभियान के तहत धरना दिया। सन्नी गुप्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा मनरेगा योजना को धीरे-धीरे कमजोर कर समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि यह योजना गरीबों और मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देने की गारंटी देती रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा अति पिछड़े, गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए जीवनरेखा है, लेकिन सरकार इस पर कुठाराघात कर रही है। कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को मौजूदा सरकार खत्म करने पर तुली हुई है। अरविंद झंझोट, जबरपाल सिंह, डॉ. रामलाल कश्यप, पुनीत शर्मा, डॉ. नसरीन, प्रमोद कश्यप, नदीम अंसारी, सलमान राणा, मुस्तकीम, आबिदा, छवि और अफसाना मौजूद रहे।
शामली के गांधी पार्क में धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता । संवाद