शामली। शासन-प्रशासन ने गोशालाओं में गोवंशों के संरक्षण के लिए इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। फाइलों में इंतजाम करा दिए गए हैं। हकीकत में गोशालाओं में सर्दी से गोवंश ठिठुर रहे हैं। कमजोर गोवंशों की हालत बिगड़ रही है।
बीते एक सप्ताह से ठंड का सितम जारी है। शासन-प्रशासन गोशालाओं में गोवंशों को ठंडी हवा से बचाने के लिए चारों तरफ तिरपाल लगाने के साथ ही गोवंशों को जूट से बनी झूल पहनाने के आदेश दिए गए हैं। रविवार को रिपोर्टिंग टीम को कई गोशालाओं में हालात बेहद खराब मिले। खुले में खड़े गोवंश सर्दी के कारण कांप रहे थे, तो कहीं गोवंश जमीन पर ही पड़े मिले। उनकी हालत इतनी खराब है कि अब उनका उठ पाना संभव नहीं है।
गांव झाल स्थित गोशाला में 89 गोवंश है। गोशाला में मौके पर दो गोवंश बीमार हालत में पड़े हुए थे, हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं थी। ठंड से बचाव के लिए तिरपाल की भी खानापूर्ति नजर आई। गोशाला के पीछे मरने वाले गोवंशों को दबाने के लिए गड्ड़े खोद रखे थे, जिनमें ऊपर ही मृत गोवंश पड़े हैं और उन्हें कुत्ते नाेच रहे हैं। फोटो खीचने के बाद गोशाला केयर टेकर बिल्लू मृतक गोवंश के मुंह पर मिट्टी डालता नजर आया।
चौसाना के गांव खेड़ी खुशनाम स्थित गोशाला में 100 गोवंश है। यहां तिरपाल की उचित व्यवस्था उचित नहीं थी। मौके पर हरे चारे में गन्ने के साथ सूखी पत्ती भी काटी जा रही थी। वहीं दो गोवंश बीमार अवस्था में मिले।
बिडौली के गांव बीरपुर व गांव तीसंग में काफी समय से गोशाला बनी हुई है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते गोशाला संचालित नहीं हो पा रही है, जिस कारण गोवंश इधर-उधर खेतों में भटक रहे हैं।
थानाभवन गोशाला में ठंड से बचाव की उचित व्यवस्था नहीं मिली। दो गोवंशों की एक्सीडेंट में घायलों की मौत हुई मिली।
गांव झाल की गोशाला में बिना मिट्टी के गड्डे में ऊपर पड़ा मृत गोवंश। संवाद