शामली। चैत्र नवरात्र इस वर्ष 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं। इस बार मां दुर्गा डोली पर सवार होकर पृथ्वी पर आएंगी। नवरात्र के प्रथम दिन बृहस्पतिवार को सुबह शुभ मुहूर्त में घट स्थापना, अखंड ज्योति प्रज्वलन और मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ पर्व की शुरुआत होगी। नौ दिनों तक मां भगवती के अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 19 मार्च को प्रतिपदा तिथि सूर्योदय के बाद शुरू होकर 20 मार्च को सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। इस वर्ष नवरात्र पूरे नौ दिनों तक मनाए जाएंगे। 19 मार्च को सुबह 06:52 से 07:43 बजे तक घट स्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा, जबकि दूसरा मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे के बीच रहेगा।
शहर के पंडित कुशलानंद जोशी, प्रभुशंकर शास्त्री और कमल नयन शर्मा के अनुसार इस बार नवरात्र में कलश स्थापना बृहस्पतिवार को होने से मां दुर्गा का आगमन डोली पर माना जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी पुराण में डोली पर माता के आगमन को विशेष संकेत माना गया है। इसे देश-दुनिया में चुनौतियों, प्राकृतिक आपदाओं या आर्थिक उतार-चढ़ाव का संकेत भी माना जाता है।
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूप—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। 26 मार्च को दुर्गाष्टमी और रामनवमी का पर्व मनाया जाएगा, जबकि 27 मार्च को महानवमी के साथ नवरात्र का समापन होगा।