शामली। जिले में पुलिस को चकमा देकर भाकियू कार्यकर्ता बुधवार को ग्रेटर नोएडा की महापंचायत के लिए कूच कर गए। लगभग 150 कार्यकर्ता अलग-अलग स्थानों से गाड़ियों से रवाना हुए और पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खाटियान समेत पांच किसानों की गाड़ी को पुलिस ने लांक चौकी पर रोक लिया। अधिकारियों से वार्ता कर 15 मिनट बाद उन्हें छोड़ा। इसके बाद वे वहां से रवाना हुए।
ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित महापंचायत में किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं को जाने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन रात से ही निगरानी कर रहा था। इसके बाद भी जिले से 150 से अधिक भाकियू कार्यकर्ता और किसान जिले से चले गए। भाकियू जिलाध्यक्ष कालेंद्र मलिक ने बताया कि वे सुबह आठ बजे ही अलग-अलग स्थानों से महापंचायत में शामिल होने के लिए निकल गए थे। बताया कि करीब 25 गाड़ियों से किसान परतापुर टोल प्लाजा पर पहुंचे। उनके अलावा बाबा श्याम सिंह, विदेश मलिक, अमित मलिक, गौतम पंवार, उदयवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, मनोज तोमर, अरविंद, धर्मेंद्र सिंह, शुभम, सूरज मलिक आदि भाकियू पदाधिकारी व कार्यकर्ता टोल प्लाजा पर पहुंचे।
उधर, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खाटियान, आशीष चौधरी, गुल्लू, गय्यूर हसन आदि गाड़ी से जाते हुए पुलिस ने मेरठ-करनाल हाईवे पर लांक चौकी पर रोक लिया। पुलिस ने उन्हें चौकी पर बैठाकर अधिकारियों से वार्ता की। करीब 15 मिनट बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद वे वहां से रवाना हुए। कपिल खाटियान ने बताया कि वे शाम को टप्पल में मौजूद है।
भाकियू मंडल उपाध्यक्ष व नगराध्यक्ष को किया नजरबंद
शामली। पुलिस ने सुबह ही भाकियू नगराध्यक्ष योगेंद्र पंवार को उनके घर पर ही नजरबंद कर लिया। इसके अलावा गांव दुल्लाखेड़ी में भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष रविंद्र राणा को भी पुलिस ने उनके घर पर नजरबंद कर लिया। रविंद्र राणा ने बताया वे किसानों की गिरफ्तारी को लेकर सुबह ही नोएडा के लिए अपने साथियों के साथ जाने की तैयारी में थे, लेकिन सुबह पांच बजे ही पुलिस ने घर पर ही रोक दिया। उन्होंने कहा सरकार किसानों की आवाज दबाना चाहती है, जो किसी भी कीमत पर नहीं दबेगी।