शामली। रक्षाबंधन पर रोडवेज, निजी बसों और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। यात्रियों को आवागमन के दौरान काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। सारी कठिनाइयां सहकर बहनें घर से भाइयों को राखी बांधने के लिए निकलीं। यात्रियों की भीड़ के कारण मेरठ-करनाल मार्ग पर जाम लग गया।
सोमवार को शामली बस अड्ड़े पर शामली से सहारनपुर, दिल्ली, पानीपत, मेरठ, करनाल, हरिद्वार और देहरादून आदि के लिए सवारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगम के अधिकारियों ने कर्मचारियों द्वारा सवारियों की लाइन लगाकर अलग से बुकिंग क्लर्क बैठाकर टिकटों की व्यवस्था करनी पड़ी।
शामली बस अड्ड़े रोडवेज बसों के पहुंचते ही उसमें सवारियां भर जाती। बस अड्डे पर सवारियों की भीड़ होने का एक कारण यह रहा कि मेरठ- करनाल मार्ग पर जाम लगने से रोडवेज की बसें जाम में फंसी रही। रोडवेज की बसों को एसटी तिराहा व गुरुद्वारा मोड़ से शामली बस अड्ड़े में आने में एक से लेकर दो घंटे लगा। शामली बस अड्ड़े के अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया कि रक्षाबंधन पर हर शहरों के लिए सवारियों की भीड़ उमड़ी है।
उनका कहना है कि सवारियों की भीड़ के आगे रोडवेज की बसें कम पड़ गई। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर 25- 30 प्रतिशत अतिरिक्त आय होने की संभावना है। रोडवेज बस में पचास प्रतिशत महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की है। उन्होंने बताया कि शामली डिपो में 65 हजार रुपये की धनराशि से महिलाओं ने रोडवेज बस यात्रा में निशुल्क यात्रा की है।
ट्रेनों में मची आपाधापी
शामली। दिल्ली- सहारनपुर रेलमार्ग पर सुबह से ही दिल्ली, हरिद्वार ,ऋषिकेश और सहारनपुर के लिए सवारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह साढ़े आठ बजे शामली रेलवे स्टेशन पर दिल्ली और सहारनपुर जाने वाली ट्रेनों में टिकट लेने के लिए सवारियों की मारा-मारी रही। ट्रेन में चढ़ने के लिए सवारियों को खिड़की का सहारा लेना पड़ा।
सीट पर बैठने के लिए यात्रियों के बीच आपाधापी मच गई। ट्रेनों में बुजुर्गों और महिलाओं को यात्रा के दौरान असुविधाओं का सामना करना पड़ा। उत्तर रेलवे के यातायात निरीक्षक पवन कुमार ने बताया कि रक्षाबंधन पर प्रतिदिन की अपेक्षा ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी।