ये बोले खिलाड़ी
गांव बंतीखेड़ा निवासी कबड्डी के नेशनल खिलाड़ी दीपचंद सिंह ने बताया कि जिले में खिलाड़ियों के लिए सरकारी स्तर पर कोई सुविधा नहीं है। उन्होंने गांव से सीनियर खिलाड़ियों से दांवपेंच सीखे। वे अब तक 11 राष्ट्रीय स्तरीय खेलों में प्रतिभाग कर आठ मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा 22 इंडिया गेम में प्रतिभाग कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि सरकार को खेल सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।
शहर के मोहल्ला रेलपार निवासी वेट लिफ्टर मयंक कुमार ने बताया कि जनपद में खेल की कोई सुविधा नहीं है। पिछले साल गाजियाबाद में आयोजित अंतर महाविद्यालयीय वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक समेत कई पदक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन करने वाले मयंक ने बताया कि शामली में सुविधा न होने के कारण उन्हें बागपत में अभ्यास करना पड़ा।
शहीद ऊधम सिंह ग्रामीण स्टेडियम बनने के समय ही खेल का सामान आया होगा। वह सामान पुराना और खराब हो चुका है। इसके बाद स्टेडियम में खेल का कोई नया सामान नहीं आया है। - एमएस तोमर, प्रभारी युवा कल्याण अधिकारी।
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