कांधला। पूर्वी यमुना नगर स्थित मनकामेश्वर महादेव एवं दुर्गा मंदिर समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा में कथावाचक किरण चंद्र महाराज ने रामायण और रामचरित मानस का अलग-अलग अध्यात्मिक वर्णन किया।
उन्होंने महर्षि वाल्मीकि एवं तुलसी के विचारधारा को प्रकाशित किया। कथा प्रसंग में भगवान राम के अवतार लेने के पांच कारणों के बारे में बताते हुए नारद मोह की कथा का वर्णन किया। कहा कि भगवान ने अपने प्रिय भक्त नारद के मन में जन्म ले चुके अहंकार को खत्म करने के लिए विश्व मोहिनी का रूप धारण किया। भगवान से सच्ची भक्ति करने वाले भक्त का भगवान हमेशा पथ पथ पर मार्ग दर्शन करते रहते हैं।
उन्होंने रघुकुल की महिमा और दिव्य प्रकाश का व्याखान करते हुए महाराज रघु, हरिश्चंद्र, शिवि के त्याग और सत्यता की कथा पर प्रकाश डाला किया। कहा कि एक कबूतर के प्राण बचाने के लिए किस प्रकार रघुकुल के राजा ने अपने शरीर के मांस से कबूतर को तोला था। इसी कुल में भगवान विष्णु ने राजा दशरथ के घर पुत्र राम के रूप में जन्म लिया और दरिद्र लोगों का उद्धार किया। कथा के तीसरे दिन के यजमान मोहन लाल चावला के द्वारा पूजन को विधिवत रुप से कराया गया। इस दौरान सचिन गोयल, ईश्वर दयाक कंसल, विपिन कुच्छल, अंकुर, वरुण, सुभाष सैनी, बाबू आदि मौजूद रहे।