शामली। शहर के मोहल्ला गुजरातियान में मंगलवार को सौरभ गर्ग (45) पुत्र अशोक गर्ग का शव घर में बेड पर पड़ा मिला। शव से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने परिजनों को सूचना दी।
इसके बाद उनके भाई पीयूष और गौरव छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
सौरभ नोएडा की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, लेकिन कोरोना काल के बाद उनकी नौकरी छूट गई थी। चाचा अरविंद ने बताया कि सौरभ पिछले तीन दिन से किसी के संपर्क में नहीं थे। घर का दरवाजा बंद होने पर उनके भाइयों ने छत की ओर से शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में सौरभ का शव बेड पर पड़ा मिला।
चाचा अरविंद के अनुसार, करीब दो साल पहले सौरभ का पत्नी से तलाक हो गया था। उनकी दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि सौरभ पीलिया और गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे। तीन दिन पहले वह बाइक से पीलिया का उपचार कराने के लिए दिल्ली रोड की ओर गए थे। रास्ते में सड़क हादसे में उनकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद वह ई-रिक्शा से घर लौटे थे। इसके बाद से परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हुआ था।
एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी।