कलक्ट्रेट पर धरना देते भाकियू कार्यकर्ता। भाकियू
बनत। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने थानाभवन शुगर मिल से बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने, मिल चलने से पहले गन्ने का भाव घोषित करने, बिजली बिलों में गड़बड़ी दूर करने और फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की मांग उठाई। भाकियू पदाधिकारियों ने मांगों का समाधान होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी।
भाकियू जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी, मास्टर जाहिद ने कहा कि थानाभवन शुगर मिल किसानों का 71 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान दबाए बैठी है। भुगतान में देरी के कारण किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि मिल चलने से पहले ही बकाया भुगतान कराया जाए। गन्ने का भाव भी घोषित किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत निगम रात में छापा मारने के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। बिजली बिलों में गड़बड़ी की जांच कराकर गलत बिलों को ठीक कराया जाए। किसानों ने गांवों में बिजलीघरों और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की मांग की। क्षमता बढ़ने से ओवरलोडिंग की समस्या दूर होगी और किसानों को राहत मिलेगी।
इसके अलावा किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने और प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई। भाकियू पदाधिकारियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से सभी समस्याओं का जल्द निस्तारण कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा।
धरने में जिलाध्यक्ष कुलदीप पंवार, जावेद तोमर, अमजद, विदेश मलिक, प्रभात मलिक, अमरपाल बालियान, अरविंद कुमार, ताज मोहम्मद, हसन प्रधान, मनोज तोमर, आकाश और शकील चौधरी शामिल रहे।