फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा प्रत्याशी के एजेंट से मारपीट, हंगामा

Sun, 12 Feb 2017 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
गांव जसाला में भाजपा एजेंट से मारपीट के बाद पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कांधला।  क्षेत्र में कई मतदान केंद्रों पर मतदान के दौरान फर्जी वोट डालने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। जसाला में भाजपा प्रत्याशी के एजेंट को पीटकर बूथ से दौड़ा लिया गया, तो गांव मलकपुर में फर्जी मतदान रोकने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। पुलिस ने पूर्व प्रधान को हिरासत में लिया तो लोग भड़क उठे और पुलिस पर पथराव किया गया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लोगों को काबू किया। 
विज्ञापन


शनिवार सुबह से ही लोगों में मतदान के लिए जोश दिखाई दिया। सुबह से ही पुलिस की कड़ी  सुरक्षा व्यवस्था रही। करीब 10   बजे गांव जसाला में भाजपा   प्रत्याशी के एजेंट बने महेंद्र सिंह को पीटकर बूथ से निकाले जाने की सूचना पर पूरा प्रशासनिक अमला गांव की ओर दौड़ पड़ा। महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि बूथ संख्या 177 पर कुछ युवक फर्जी मतदान करने का प्रयास कर रहे थे। उनका विरोध किया गया तो निर्दलीय प्रत्याशी के 40 से 50 समर्थकों ने उसे पीटा और धक्के देकर बूथ से बाहर निकाल दिया। पुलिस ने इस दौरान वहां पर जमा लोगों को हल्का बल प्रयोग कर दौड़ा दिया। इस बीच इनके बचाव में   आए निर्दलीय प्रत्याशी के भाई से पुलिस की नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते उनकी एक न चली। इस बूथ पर हंगामे    की सूूचना पर एसपी और जिलाधिकारी ने भी मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। प्रशासन की सख्ती के बाद एजेंट को दोबारा बूथ पर लगाया गया। 


उधर, गांव पंजोखरा में करीब 11 बजे बूथ संख्या 174, 175 पर मतदाताओं की अंगुली पर निशान न लगवाए जाने की शिकायत पर एसडीएम शामली ने मौके पर पहुंचकर ऐसा करने वाले लोगों को दौड़ा दिया। शाम के समय गांव मलकपुर में वोटर इरफान के द्वारा अंगुली पर निशान न लगवाए जाने के बाद पुलिस ने उससे सख्ती की तो बवाल हो गया। आक्रोशित लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने पूर्व प्रधान को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, हंगामे की सूचना पर कुछ पल में ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, जिसे देखकर लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों को हंगामा करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। बाद में पुलिस ने पूर्व प्रधान को भी हिदायत देकर छोड़ दिया। इसके अलावा गांव गंगेरू के एक बूथ पर पूर्व मंत्री के साथ पहुंचे समर्थकों और वहां पर उपनिरीक्षक और अर्द्धसैनिक बल के जवान के बीच नोकझोंक हो गई, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें