शामली। मतदान निष्पक्ष हो और किसी प्रकार की कोई अशांति उत्पन्न न हो, इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के कड़े निर्देश थे, जिसके चलते क्षेत्र में शनिवार को मतदान छिटपुट घटनाओं के बीच संपन्न भी हो गया, लेकिन कैरान क्षेत्र में बूथों पर सिविल पुलिस की लापरवाही दिखाई दी। जिसके चलते फर्जी मतदान को लेकर कई जगह हंगामा भी हुआ।
शनिवार को शामली की तीनों विधानसभाओं पर मतदान हुआ। बूथों पर किसी तरह की अराजकता न हो इसके लिए अर्द्धसैनिक बलों को भी गोली मारने तक के आदेश दिए गए थे, लेकिन कैराना विधानसभा में अर्द्धसैनिक बलों की कमान तो मजबूत रही और आने-जाने राहगीरों तक को भी जवानों ने टोका तथा दूसरी बार मतदान करने आए लोगों को हड़काया, लेकिन सिविल पुलिस लापरवाह बनी रही। किसी बूथ पर पुलिस खाट पर बैठी गन्ना चूसती मिली तो किसी बूथ पर पुलिस कर्मी महज दिखाने के लिए कुर्सी पर बैठे रहे।
इसी का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने फर्जी मतदान कराने का प्रयास किया, हालांकि जहां विपक्ष का एजेंट मजबूत था वहां पर जमकर हंगामा हुआ। खासकर गांव अकबरपुर सुन्हेटी में फर्जी वोटिंग का प्रयास कर रहे एक युवक को दूसरे पक्ष के एजेंट से रोक दिया तो हंगामा शुरू हो गया, अर्द्धसैनिक बल के जवानों ने युवक की उंगली पर लगी स्याही को चेक किया। पता चला कि वह पहले से ही वोट डाल चुका था, दूसरी बार वोट डालने के लिए बूथ पर पहुंचा था, जिसके बाद जवानों ने उसको बूथ से लौटा दिया।
इसी तरह भूरा, कैराना के जैन मोहल्ला, आर्य इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज सहित कई बूथों पर फर्जी मतदान का प्रयास किया गया, जिसको लेकर सिविल पुलिस मूक दर्शक बनी रही, लेकिन अर्द्धसैनिक बलों ने ऐसा करने वालों की एक नहीं चलने दी। इसके अलावा गांव जसाला में भी सिविल पुलिस मूक दर्शक बनी रही और फर्जी मतदान करने वालों ने दोबार वोटिंग का प्रयास किया, लेकिन अर्द्धसैनिक बलों ने वहां भी उनकी नहीं चलने दी।