शामली। मेरठ-करनाल समेत कई जिलों को जोड़ने वाला बिड़ौली-सहारनपुर वाया चौसाना मार्ग खस्ताहाल है। ऊन तहसील के 12 गांवों के लोग इस मार्ग के निर्माण की उम्मीद लगाए बैठें, लेकिन फिलहाल उनकी आस पूरी होती नजर नहीं आ रही। कई वर्षों से खस्ताहाल सड़क होने के कारण राहगीरों, वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
लोक निर्माण विभाग का 12.9 किमी की लंबाई वाला बिड़ौली-सहारनपुर वाया चौसाना मार्ग मेेरठ-करनाल हाईवे का लिंक मार्ग है, जो कई सालों से यह खस्ताहाल है। मेरठ-करनाल मार्ग को जोड़ने वाले बिड़ौली-चौसाना मार्ग का 6.1 किमी हिस्सा पूरी तरह बदहाल पड़ा है। इसमें बिड़ौली से खोड़समा तक 5.50 किमी, चौसाना में 5.50 मीटर खंड़जा वाला मार्ग शामिल है। मार्ग में से जगह-जगह पर गड्ढे होने से आम नागरिकों व वाहन चालकों को चलना मुश्किल हो गया है। हालात यह हो गए हैं कि बिड़ौली से खोड़समा गांव तक साढ़े पांच किमी सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है। सहारनपुर जिले के गंगोह मार्ग को जोड़ने वाला चौसाना में लगा खड़ंजा भी चलने लायक नहीं है। यहां से वाहनों का गुजरना मुश्किल रहता है। आए दिन दुघर्टनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों के साथ रालोद-कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिछले सप्ताह डीएम जसजीत कौर को ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग की थी।
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मरम्मत के लिए भेजा जाएगा 11 करोड़ का प्रस्ताव
शामली। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता विनय कुमार गुप्ता का कहना है कि बिड़ौली-सहारनपुुर वाया चौसाना मार्ग का प्रस्ताव बनाकर पहले केंद्रीय सड़क निधि के तहत शासन को भेजा गया था। केंद्र सरकार से खस्ताहाल मार्ग के निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाई है। बिड़ौली से खोड़समा और सहारनपुर जिले को जोड़ने वाले 6.1 किमी मार्ग के निर्माण का 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को भेजा जा रहा है। खोड़समा गांव से चौसाना सीमा तक मार्ग का नवीनीकरण कार्य स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी करके बरसात के बाद नवीनीकरण कार्य शुरू किया जाएगा।
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समस्या पर नहीं दिया जा रहा ध्यान
बिड़ौली-चौसाना मार्ग के लिये पिछले 15 सालों से प्रयास कर रहा हूं। मार्ग की मरम्मत के लिए एसडीएम-डीएम तक को प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। - महिपाल सिंह, पूर्व प्रधान नाईनंगला
सोशल मीडिया पर शुरू की मुहिम
इस मार्ग को बनवाने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम को शुरू की थी। लोग एक साथ जुड़ें। विपक्षी दल भी साथ आए। मजबूती के साथ जिले के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात को रखा। समस्या के समाधान की मांग की है, सडंक का निर्माण न होने तक उनकी मुहिम जारी रहेगी। - संजय कुमार, खोड़समा