शामली कलक्ट्रेट में डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : SHAMLI
शामली। भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान और बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन डीएम जसजीत कौर को सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून लेते हुए जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। जिस पर गत 31 जनवरी 2022 को संयुक्त किसान मोर्चा ने विश्वासघात दिवस मनाया था। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने गत 9 दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा के नाम एक पत्र भेजकर वादा किया था, कि एमएसपी पर कानून को लेकर समिति बनाई जाएगी। अभी तक केंद्र सरकार ने न तो समिति के गठन की घोषणा की है, और न ही इस संबंध में कोई जानकारी दी है।
आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया गया। हरियाणा सरकार ने सिर्फ कुछ कागजी कार्रवाई की है। केस वापस करने के लिए कुछ आदेश जारी किए गए हैं। लेकिन हरियाणा में यह कार्य अधूरा है। किसानों को अभी तक सम्मन आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि वह 54 में से 17 केस वापस लेगी, कौन से केस वापस लिए गए इसकी जानकारी नहीं दी गई है। देश भर में रेल रोको आंदोलन के तहत मध्य प्रदेश, उत्तराखंड हिमाचल सरकार की तरफ से दर्ज मुकदमे वापस लेने की कार्रवाई भी नहीं की गई। ज्ञापन में संयुक्त किसान मोर्चा ने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की कानूनी गारंटी सप्ताह आयोजित करने का फैसला लिया है। अगर सरकार अपने आश्वासन पर अमल नहीं करती है, तो किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। डीएम को ज्ञापन देने वालों में बुड़ियान खाप के चौधरी सत्यवीर सिंह, शौकेंद्र भैंसवाल, गुड्डू बनत, योगेंद्र पंवार, पप्पू पंवार भारसी, ब्रजपाल सिंह भारसी, ब्रह्मपाल पंवार, नाला, उदयवीर सिंह कनियान, एजाज बनत, विदेश मलिक आदि मौजूद रहे।