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Shamli News: वकीलों ने उपनिबंधक कार्यालय में की तालाबंदी

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शामली कलक्ट्रेट रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी करते व​कील । संवाद
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शामली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के दायरे में आने वाले जिले के 53 गांव में कृषि-आवासीय क्षेत्र में बैनामों पर दो प्रतिशत स्टांप एवं निबंधन शुल्क वसूलने का जिले के दस्तावेज लेखक और अधिवक्ताओं ने विरोध किया। इसके विरोध में वकीलों ने उपनिबंधक कार्यालय पर तालाबंदी की और एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहे। रालोद कार्यकर्ता विजय कौशिक से भी उनकी नोकझोंक हुई। रालोद कार्यकर्ता बैनामा नहीं करा सके।
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25 फरवरी को शामली जिले के 53 गांव मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल किए गए थे। इसके बाद उपनिबंधक कार्यालय शामली, कैराना, ऊन ने इन क्षेत्रों में बैनामों पर दो प्रतिशत स्टांप एवं निबंधन शुल्क वसूलना शुरू कर दिया। जिले के अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक बढ़े शुल्क का विरोध कर रहे हैं।
बुधवार को जिले बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजपाल सिंह के नेतृत्व में जिला मुख्यालय के अधिवक्ताओं ने शामली तहसील के उपनिबंधक कार्यालय में तालाबंदी कर दी। विरोध के कारण कोई भी बैनामा नहीं हो सका। जिला बार के अध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि पहले पांच प्रतिशत शुल्क वसूला जा रहा था। प्राधिकरण की सीमा वाले गांवों में सात प्रतिशत स्टांप एवं निबंधन शुल्क वसूला जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है। विरोध करने वाले अधिवक्ताओं मे जयपाल सिंह चौहान,सत्याशु वर्मा, मणिकांत शर्मा, विजेंद्र सिंह, राकेश शर्मा, प्रदीप पंवार, प्रताप राठौर, दीपक कौशिक,दीपा अहलावत, राकेश पाल,अमजद खान और दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार शामिल रहे।
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कम स्टांप के नोटिस जारी किए जा रहे
शामली। जिला बार के अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष ठाकुर रामपाल सिंह, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार का कहना है कि अधिसूचना जारी होने के बाद वकीलों, दस्तावेज लेखकों को नोटिस जारी कर शुल्क बढ़ा हुआ लेने को जा रहा है। एआईजी स्टांप की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।

हड़ताल से नहीं हुआ कोई बैनामा
शामली तहसील के उपनिबंधक अनुपम माहेश्वरी का कहना है कि शामली उपनिबंधक कार्यालय में प्रतिदिन 35-40 दस्तावेज के बैनामे होते थे। बुधवार को कोई भी बैनामा नहीं हो पाया। विजय कौशिक का कहना है कि बैनामा नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी हुई।
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