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पहले हो गिरफ्तारी, फिर करेंगे अंतिम संस्कार

Wed, 03 Feb 2016 12:21 AM IST
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
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शामली। बीडीसी की हत्या के आरोपी दूसरे दिन भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके। मंगलवार को शव आने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। चेतावनी दी कि जब तक हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस बीच गांव में हुई पंचायत में परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस अधिकारियों और पंचायत में पहुंचे बसपा नेताओं के बीच वार्ता हुई। जिसमें सात दिन का समय दिए जाने का आश्वासन दिया गया।
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सुबह बीडीसी सोनू का शव पोस्टमार्टम से वापस आया। गुस्साए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार न करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद बसपा नेता पूर्व विधायक राव वारिस, बसपा के कॉर्डिनेटर वेदपाल सिंह आदि भी पहुंच गए। बाबरी के अंबेडकर भवन में ग्रामीणों की इस मामले को लेकर पंचायत हुई। जिसमें पूर्व विधायक राव वारिस ने कहा कि पुलिस प्रशासन सत्ता पक्ष के दबाव में काम रहा है, जिस कारण ही जिला पंचायत सदस्यों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता है, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। बसपा के कॉर्डिनेटर वेदपाल सिंह ने कहा कि पीड़ित परिजनों को मुआवजा पार्टी की ओर से दिलाया जाएगा। इस दौरान सीओ शामली निशांक शर्मा व सीओ भवन भूषण वर्मा पंचायत के बीच पहुंचे।
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कहा कि दो आरोपियों बबलूूू और वेदव्यास की गिरफ्तारी हो चुकी है। फरार हत्यारोपियों की एक सप्ताह के अंदर गिरफ्तारी कर ली जाएगी। जिस पर पंचायत में मौजूद लोग भड़क गए और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

बाद में बसपा नेताओं व अधिकारियों की वार्ता हुई। जिसमें अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी को लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी को कम से कम एक सप्ताह का समय चाहिए। जिसके बाद बसपा नेताओं के आश्वासन पर पंचायत स्थगित हो गई। और परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

हम गरीब हैं, इसलिए सुनवाई नहीं
पंचायत के दौरान मृतक सोनू की मां ने विलाप करते हुए कहा कि हम गरीब है, इसलिए कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुलिस भी हत्यारोपियों का साथ दे रही है। मृतक सोनू की मां ने कहा कि अभी सवा साल पहले ही उसकी शादी की थी। उसकी बच्ची अभी एक माह की भी नहीं हुई है। अब उसकी मां व बच्ची को मैं क्या जवाब दूंगी। जिस पर राव वारिस ने उसे सांत्वना दी और कहा कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी।

पुलिस के खिलाफ हुई नारेबाजी
पंचायत के दौरान कई बार हंगामा हुआ और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी हुई। पंचायत में पहुंचे सीओ शामली और सीओ भवन को लोगों का भारी विरोध झेलना पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोनों जिला पंचायत सदस्य सत्ता पक्ष के हैं, जिस कारण पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोप था कि पुलिस ने ही हत्यारोपियों को संरक्षण दे रखा है। जिस कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
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