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Shamli News: कड़ी चौकसी में हुई बीएड प्रवेश परीक्षा, 88 रहे अनुपस्थित

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आर के इंटर कॉलेज में बीएड़ परीक्षा देते परीक्षाथी।  संवाद
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शामली। जनपद के दो परीक्षा केंद्रों पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी की ओर से बीएड की प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया गया। दोनों केंद्रों पर कड़ी चौकसी के बीच सीसीटीवी की निगरानी में शांतिपूर्वक परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा में 875 में से 88 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। केंद्रों पर पुलिस बल भी तैनात रहा। वहीं पर्यवेक्षक के साथ डीआईओएस व बीएसए ने भी केंद्रों का जायजा लिया।
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रविवार को शहर के आरके इंटर काॅलेज व आरके पीजी कॉलेज में बीएड की प्रवेश परीक्षा का आयोजन हुआ। दोनों केंद्रों पर परीक्षा समय से एक घंटा पहले ही तलाशी लेते हुए व प्रवेश पत्र चेक करते हुए मुख्य गेट से अंदर भेजा गया। इसके बाद परीक्षार्थियों की केंद्र के अंदर जाने से पहले ही बायोमेट्रिक करते हुए अंदर भेजा। पहली पाली सुबह 9 से 12 बजे तक और द्वितीय पाली दो बजे से पांच बजे तक हुई।
पहली पाली में सामान्य ज्ञान और भाषा की परीक्षा हुई, जबकि द्वितीय पाली में अलग-अलग विषय की परीक्षा हुई। शहर के आरके इंटर कॉलेज में 375 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे, इनमें से 40 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि आरके पीजी कॉलेज में 500 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे, इनमें से 48 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पर्यवेक्षक दिनेश दुबे, केपी मलिक व रजनी के साथ बेसिक शिक्षा अधिकारी लता राठौर, डीआईओएस जेएस शाक्य ने केंद्रों पर पहुंचकर जायजा लिया। दोनों केंद्रों पर शांतिपूर्वक परीक्षा संपन्न हुई। इसके साथ केंद्र पर पुलिस बल भी तैनात रहा। परीक्षा देने के लिए शामली जनपद के अलावा जनपद बागपत और हरियाणा के परीक्षार्थी भी पहुंचे।
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- केंद्र के बाहर एंबुलेंस की रही सुविधा
दोनों केंद्रों के बाहर एक-एक एंबुलेंस खड़ी रही। जिससे परीक्षा के बीच कोई घटना होने या महिलाओं को सैनेट्री पैड की जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता की जा सके। एंबुलेंस में दवाएं भी उपलब्ध रहीं।
- यह वस्तु रही प्रतिबंधित
परीक्षा केंद्रों के अंदर केवल परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र, फोटो पहचान पत्र व काला बॉल प्वाइंट पेन ही अंदर जाने दिया गया। किसी भी परीक्षार्थी को मोबाइल फोन, केल्कुलेटर, घड़ी व सादा पेपर अंदर नहीं जाने दिया गया।
-किसी को लगी कठिन तो किसी को लगी आसान
परीक्षा देने के बाद बाहर आए परीक्षार्थियों से परीक्षा के बारे में पूछा तो किसी ने सरल तो किसी ने कठिन बताया। बागपत के गांव जोहड़ी के विक्रांत ने बताया कि सामान्य ज्ञान के काफी प्रश्न कठिन रहे। वहीं हिंदी भाषा में संधि-विछेद व संदर्भ सरल नहीं थे, उसने नेगेटिव मार्किंग होने के कारण 100 प्रश्नों में से केवल 70 प्रश्न हल किए हैं। गांव भारसी की रश्मि ने बताया कि उनकी परीक्षा अच्छी हुई है, लेकिन सामान्य ज्ञान में काफी प्रश्न राजनीति से संबंधित रहे, जो कठिन थे। बिडौली की तनु ने बताया कि पेपर आसान था, उसने पूरे 100 प्रश्न हल किए है, उसे नंबर आने की पूरी उम्मीद है। गांव ऊदपुर की साक्षी ने भी परीक्षा को सरल बताया और सभी प्रश्न हल किए।
- परीक्षार्थियों को लुभाने के लिए काॅलेज संचालकों ने लगाए स्टॉल
शहर के दोनों परीक्षा केंद्रों के बाहर जनपद के प्राइवेट बीएड कॉलेजों के शिक्षकों का तांता लगा रहा। चार से पांच कॉलेजों ने परीक्षा केंद्र के गेट के सामने ही स्टॉल लगाकर पानी के कैंपर रखवा रखे थे। परीक्षा छूटते ही दाखिले के लिए वह परीक्षार्थियों के नाम व फोन नंबर रजिस्टर में लिखते हुए कॉलेज की व्यवस्था व अन्य जानकारी देते नजर आए। वहीं छपे हुए पंफलेट भी वितरित करते नजर आए।
- शादी के बाद जाग रहे शिक्षिका बनने के सपने
शहर के आरके इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कई महिलाएं भी बीएड प्रवेश परीक्षा देने पहुंची। शामली के आर्यपुरी निवासी विशाल अपनी पत्नी नेहा को शादी के 13 वर्ष बाद उनके शिक्षिका बनने की इच्छा के बाद परीक्षा दिलाने पहुंचा। विशाल ने बताया कि उनके दो बेटे हैं, पहला बेटा 12 वर्ष व दूसरा बेटा 8 वर्ष का है। उनकी पत्नी की इच्छा है कि बेटे बड़े हो गए हैं अब आगे की पढ़ाई करते हुए शिक्षिका बनना चाहती है। वहीं दूसरा मामला गांव कुड़ाना का मिला। पति रवि पत्नी प्रिया को शादी के पांच साल बाद बीएड की प्रवेश परीक्षा दिलाने पहुंचे। रवि ने बताया कि उनकी पत्नी ने बीएससी की पढ़ाई की है, अब वह शिक्षिका बनना चाहती है।
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