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दुकान आवंटन के क्रियान्वयन पर रोक लगाई

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शामली। नगरपालिका शामली में बिना नीलामी के 22 दुकानों के आवंटन का प्रकरण गहराता जा रहा है। पालिका के अधिशासी अधिकारी ने टैक्स लिपिक को पत्र जारी कर जांच पूरी होने तक दुकानों के आवंटन के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।
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नगरपालिका के सभासद अनिल उपाध्याय, राजीव गोयल, पंकज गुप्ता और सभासद के पति निशिकांत संगल ने करीब 10 दिन पहले भैंसवाल रोड पर स्थित प्रथम तल की 22 दुकानों का आवंटन बिना नीलामी के नियम विरुद्ध करने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत सभासदों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, नगर विकास मंत्री, नगर विकास राज्यमंत्री, गन्ना मंत्री सुरेश राणा और अपर आयुक्त सहारनपुर आदि से करते हुए प्रकरण की जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
इस प्रकरण में पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके बिना संज्ञान में लाए और सभासदों की शिकायत के मद्देनजर टैक्स लिपिक लक्ष्मण सिंह को पत्र जारी कर जांच पूरी होने तक दुकान आवंटन के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है।
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मेरे आदेश पर लिपिक ने काटी रसीद : चेयरपर्सन
दुकानों आवंटन के क्रियान्वयन पर रोक लगाने पर नगरपालिका की चेयरपर्सन अंजना बंसल ने पालिका के ईओ सुरेंद्र सिंह को पत्र जारी किया है। इसकी प्रतिलिपि सभी सभासदों को भी भेजी गई। पत्र में 22 दुकानों में एक दुकान की नीलामी पूर्व में 25 फरवरी 2019 को हो चुकी है। बाकी 21 दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया तीन बार कराई गई, लेकिन किसी बोलीदाता ने दुकान नहीं ली। 22 जनवरी 2021 को हुई बोर्ड बैठक के प्रस्ताव अन्य (1) में उन्हें दुकानों के प्रीमियम फिक्स करने के लिए अधिकृत किया गया। उन्होंने दो जून को 21 दुकानों का प्रीमियम निर्धारित किया। उनके आदेश पर ही टैक्स लिपिक ने फिक्स प्रीमियम के अनुसार प्राप्त आवेदन के पत्रों के सापेक्ष रसीद काटकर जारी की गई।
दुकानों का आवंटन निरस्त हो
शिकायतकर्ता सभासद अनिल उपाध्याय और सभासद के पति निशिकांत संगल ने कहा कि पालिका चेयरपर्सन ने मान लिया है कि उनके आदेश पर दुकानों के आवंटन की रसीद काटी गई। आरोप है कि पत्र भेजकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। करीब ढाई साल पहले आवंटित दुकान चार लाख रुपये में गई थी। अब बाकी 21 दुकानें उससे आधे से भी कम कीमत में दे दी गई। मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और नियम विरुद्ध किया गया दुकानों का आवंटन निरस्त हो। दुकान आवंटन के संबंध में जन सूचना अधिकारी के तहत पालिका से जानकारी मांगी है, जो अभी तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई।
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