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भाकियू भी मौन, नहीं आई आगे

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कैराना दबिश के बाद विधायक के आवास पर जमा भीड़ - फोटो : SHAMLI
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भाकियू भी मौन, नहीं आई आगे
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शामली। भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत की मध्यस्थता से ही 16 सितंबर को पुलिस प्रशासन ने विधायक पक्ष को गाड़ी और उसके कागजात दिलाने को पांच दिन का समय दिया था, लेकिन तय समय सीमा में विधायक पक्ष ऐसा नहीं कर सका, लिहाजा भाकियू भी इसमें आगे नहीं आई।
इस मसले पर 16 सितंबर को कैराना की पूर्व सांसद तबस्सुम हसन सिसौली जाकर भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत से मिली थीं। इसके बाद टिकैत ने इस मामले में मध्यस्थता कर डीएम और एसपी से वार्ता की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गाड़ी के कागजात दिखाने को पांच दिन का समय और दिया था। डीएम ने बताया था कि चौधरी नरेश टिकैत ने ये भी कहा कि यदि पांच दिन में कागजात और गाड़ी नहीं दी जाती तो वे भी इस मसले में कुछ नहीं कहेंगे।
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शुक्रवार शाम पांच बजे दी गई समय सीमा बीतने के बाद शनिवार को पुलिस एक्शन मोड में आ गई। ऐसे में सबकी निगाहें भाकियू के रुख पर टिकी थी, लेकिन भाकियू इस मामले में शांत नजर आई। भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत ने कहा कि इस मसले पर ना कोई उनसे मिला और ना ही किसी से बात हुई है। उधर, भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान ने बताया कि चौधरी साहब ने समाज हित को ध्यान में रखकर मध्यस्थता की थी, ताकि किसी धरने प्रदर्शन से किसी तरह का माहौल खराब ना हो, लेकिन किसी को कानून को भी हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। पुलिस इस मामले में दुर्भावना से काम करने की बजाय कानून के दायरे में रहकर संयम से काम करे, पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी होनी चाहिए।
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