शामली। सरकार की आयुष्मान योजना में जिले के 46092 गरीब परिवार शामिल है। इन परिवारों के सभी सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने है। मगर, अभी तक लगभग एक चौथाई कार्ड ही बन सके है। गोल्डन कार्ड बनाने की यह प्रक्रिया काफी धीमी गति से चल रही है। यही वजह है कि पात्र होेते हुए ही लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा जिले के कई हजार लोग योजना के पात्रता की सभी शर्तें पूरी करते है, लेकिन उन्हें आवेदन करने का मौका भी नसीब नहीं हो रहा है। वर्ष 2018 में योजना में शामिल होने वाले पात्रों के लिए आवेदन फार्म उपलब्ध थे, लेकिन नवंबर माह में ही आवेदन पत्र खत्म हो गए थे। इसके बाद से कोई आवेदन पत्र शासन की तरफ से उपलब्ध नहीं कराए गए है। यहीं कारण है कि पात्र लोग भी आयुष्मान केंद्रों के चक्कर काटने का मजबूर है। गांव मालैंडी निवासी राजू ने बताया कि वह आयुष्मान योजना का पात्र होने की शर्तें पूरी कर रहा है। कार्ड बनवाने के लिए आयुष्मान केंद्र पर कई बार जा चुका है, लेकिन उसे बताया जाता है कि नए पात्रों के लिए अभी न तो शासन के निर्देश है और न ही कोई आवेदन फार्म है। शनिवार को गांव रामड़ा निवासी मोहसिन सीएचसी में आयुष्मान केंद्र पर गोल्डन कार्ड बनवाने के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे, लेकिन प्रधानमंत्री पत्र न होने व सूची में नाम न होने पर उनका कार्ड नहीं बन सका।
गोल्डन कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली
शामली। मोहल्ला रेलपार, दयानंद नगर और गौशाला रोड पर फर्जी तरीक से आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 100 रुपये तक की वसूली करने की शिकायतें मिल चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की तो कुछ लोगों द्वारा अवैध वसूली किए जाने की शिकायत सही पाई गई थी। पुलिस तक भी इस तरह की शिकायतें पहुंची, लेकिन इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगस्त में कुछ गांवों में आयुष्मान के कार्ड बनवाने के लिए फार्म भरवाने और इसके बदले 100 रुपये अवैध तरीके से वसूलने का भी मामला सामने आने पर सीएमओ डा. संजय भटनागर को बयान जारी करना पड़ा था। सीएमओ ने कहा था कि आयुष्मान के नाम पर किसी तरह के फार्म नहीं भरे जा रहे है और न ही शासन की तरफ से इस तरह की गाइड लाइन जारी हुई है।
आयुष्मान योजना की शहरी क्षेत्र के लिए पात्रता
भिखारी, कूड़ा बीनने वाले, घरेेलू कामकाज करने वाले, रेहड़ी-पटरी दुकानदार, मोची, फेरी वाले, सड़क पर कामकाज करने वाले, कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले मजदूर, प्लंबर, राजमिस्त्री, मजदूर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कुली, भार ढोने वाले सफाई कर्मी, घरेलू काम करने वाले हैंडीक्राफ्ट का काम करने वाले, दर्जी, ड्राइवर, रिक्शा चालक, दुकान पर काम करने वाले लोग आदि आयुष्मान भारत योजना में शामिल होंगे।
आयुष्मान योजना की ग्रामीण क्षेत्र के लिए पात्रता
एक कमरे वाला कच्चे मकान में रहने वाले लोग, जिस घर में कोई व्यस्क 18 से 59 उम्र का सदस्य न हो, महिला मुखिया वाला घर, जिसमें कोई व्यस्क पुरुष सदस्य न हो, दिव्यांग व्यक्ति, अनुसूचित जाति या जनजाति से संबंधित लोग, भूमिहीन लोग जिनकी आमदनी का मुख्य जरिया हाथ से किए जाने वाले काम हो।
आयुष्मान में नए पात्र व्यक्तियों के जोड़े जाने की अभी कोई योजना नहीं है और न ही किसी तरह के फार्म भरे जा रहे है। शासन की तरफ से इस तरह की अभी कोई गाइड लाइन नहीं है। अगर कोई गोल्डन कार्ड बनाने की बात कहकर पैसे की वसूली करता है तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारी को दें। - डा. रूशी फातिमा, जिला प्रोग्राम कोआर्डिनेटर।